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करोड़ों खर्च कर नहरों की हुई सफाई, फिर भी कटान जारी
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बक्शा क्षेत्र के बेलापार गांव में नहर कटने से डूबी फसल।
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। नहरों की सफाई में हुई गड़बड़ी का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। सफाई के दौरान कुलाबे जाम हो जाने से नहरों का बहाव रुक गया है। इससे जगह-जगह नहर की पटरी टूटने से पानी ओवरफ्लो कर खेतों में पहुंच रहा है। अभी तक करीब सैकड़ों बीघे गेहूं सहित अन्य रबी की फसलें जलमग्न हो चुकी हैं, जो किसानों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
जिले में कुल 343 नहरें 1705 किमी की हैं। नहर में टेल तक पानी पहुंचाने के लिए 14 दिसंबर तक नहरों की सफाई का कार्य हुआ। इस दौरान कुल 1236 किमी नहरों की सफाई की गई। इस पर तीन करोड़ रुपये खर्च किया गया। सफाई के बाद जब नहरों में पानी आना शुरू हुआ तो किसानों की नई परेशानी शुरू हो गई। जहां-तहां पटरी टूटने से पानी खेतों में घुसने लगा है। बक्शा ब्लाक के बेलापार गांव में माइनर कटने से कई किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो चुकी है। सिरकोनी ब्लाक के मोथहा पंप कैनाल से निकली बीबीपुर माइनर सुंगुलपुर गांव के पास कट जाने से कई बीघे गेहूं सहित रबी के अन्य फसल जलमग्न हो गया। इस दौरान सुंगुलपुर निवासी बांकेलाल, रामसमुझ सिंह, विजय कुमार सिंह का कई बीघा गेहूं सहित अन्य फसलें जलमग्न हो चुकी हैं।
469 किमी नहरों की नहीं हुई है सफाई
जौनपुर। जिले में 469 किमी नहरों की सफाई नहीं हो पाई है। सभी नहरों की सफाई के लिए कुल तीन करोड़ रूपये शासन से स्वीकृत हुआ था, लेकिन विभाग ने इन नहरों की सफाई कराना मुनासिब नहीं समझा। इन नहरों में झाड़ झंखाड़ लगे हुए हैं, जिससे टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। पानी टेल तक नहीं पहुंच पाने से फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। किसानों को फसलों की सिंचाई करने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
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नहरों की सफाई के दौरान कुलाबे मिट्टी से पट जाते हैं, जिस कारण पानी का बहाव रुकने पर पटरी टूट जाती है या ओवरफ्लो हो जाती है। जहां भी जानकारी मिलती है, उसे सही कराया जाता है। जहां तक 469 किमी लंबी नहरों की सफाई न कराने का सवाल है तो यह नहर अच्छी स्थिति में थीं। जिस कारण सफाई नहीं कराई गई। -आशीष कुमार कुशवाहा, एक्सईएन, सिंचाई।
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जिले में कुल 343 नहरें 1705 किमी की हैं। नहर में टेल तक पानी पहुंचाने के लिए 14 दिसंबर तक नहरों की सफाई का कार्य हुआ। इस दौरान कुल 1236 किमी नहरों की सफाई की गई। इस पर तीन करोड़ रुपये खर्च किया गया। सफाई के बाद जब नहरों में पानी आना शुरू हुआ तो किसानों की नई परेशानी शुरू हो गई। जहां-तहां पटरी टूटने से पानी खेतों में घुसने लगा है। बक्शा ब्लाक के बेलापार गांव में माइनर कटने से कई किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो चुकी है। सिरकोनी ब्लाक के मोथहा पंप कैनाल से निकली बीबीपुर माइनर सुंगुलपुर गांव के पास कट जाने से कई बीघे गेहूं सहित रबी के अन्य फसल जलमग्न हो गया। इस दौरान सुंगुलपुर निवासी बांकेलाल, रामसमुझ सिंह, विजय कुमार सिंह का कई बीघा गेहूं सहित अन्य फसलें जलमग्न हो चुकी हैं।
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469 किमी नहरों की नहीं हुई है सफाई
जौनपुर। जिले में 469 किमी नहरों की सफाई नहीं हो पाई है। सभी नहरों की सफाई के लिए कुल तीन करोड़ रूपये शासन से स्वीकृत हुआ था, लेकिन विभाग ने इन नहरों की सफाई कराना मुनासिब नहीं समझा। इन नहरों में झाड़ झंखाड़ लगे हुए हैं, जिससे टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। पानी टेल तक नहीं पहुंच पाने से फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। किसानों को फसलों की सिंचाई करने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
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नहरों की सफाई के दौरान कुलाबे मिट्टी से पट जाते हैं, जिस कारण पानी का बहाव रुकने पर पटरी टूट जाती है या ओवरफ्लो हो जाती है। जहां भी जानकारी मिलती है, उसे सही कराया जाता है। जहां तक 469 किमी लंबी नहरों की सफाई न कराने का सवाल है तो यह नहर अच्छी स्थिति में थीं। जिस कारण सफाई नहीं कराई गई। -आशीष कुमार कुशवाहा, एक्सईएन, सिंचाई।