फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   Building ready, not treated

.भवन तैयार, नहीं हो रहा मरीजों का बेहतर इलाज

Thu, 12 Sep 2019 12:12 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 12 Sep 2019 12:12 AM IST
विज्ञापन
Building ready, not treated
03- जिला महिला चिकित्सालय के पीछे बनी नई बिल्डिंग 100 बेड मां व बच्चा का अस्पताल। - फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। जिला महिला चिकित्सालय में 100 बिस्तर के मातृ-शिशु अस्पताल का उद्घाटन एक साल पहले ही जिले की तत्कालीन प्रभारी मंत्री प्रो. रीता बहुगुणा जोशी ने किया था। चिकित्सालय भवन सोलह करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हो चुका है। चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की भी तैनाती कर दी गई लेकिन केवल बहिरंग विभाग में भी इलाज हो रहा है।
विज्ञापन

नेशनल हेल्थ मिशन के तहत माताओं और शिशुओं की देखभाल के लिए 100 बेड का अस्पताल बनवाया गया है। इस सात मंजिल वाले अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए लिफ्ट लगाई गई है। इसमें प्रसव, आपरेशन, नवजात शिशुओं के लिए एसएनसीयू की स्थापना, महिला चिकित्सकों की ओपीडी, आईपीडी (गर्भ से संबंधित बीमारी ) बच्चों की देखभाल की जानी है। इसका जिले की प्रभारी कैबिनेट मंत्री से उदघाटन की करा दिया गया। उद्घाटन के बाद ही इसका शुभारंभ किया जाना था लेकिन अधिकारियों की उदासीनता की वजह से इसका शुभारंभ नहीं किया जा सका है। जबकि फर्स्ट फ्लोर पर ओपीडी, द्वितीय पर प्रसव कक्ष, तृतीय तल पर आपरेशन, चतुर्थ तल पर टीकाकरण सहित अलग - अलग इंतजाम करने की योजना तैयार की गई हैं। ओपीडी प्रथम तल पर चल भी रहा है।
विज्ञापन

अस्पताल में प्रसव और शिशुओं की देखरेख की सुविधा होनी चाहिए। टीकाकरण की भी व्यवस्था होने चाहिए। मगर इनमें से कोई काम नहीं शुरू हो पाया है। प्रसव महिला चिकित्सालय के पुराने भवन में ही कराया जा रहा है। महिला अस्पताल के अधिकारियों की उदासीनता नियमों पर भारी पड़ रहीं है। कारण संसाधनों के बहाने करोड़ों का बजट मंगाकर अफसर डकारने के फिराक में है। सपा शासनकाल में जिला महिला अस्पताल परिसर में नेशनल
विज्ञापन
विज्ञापन

डाक्टर और स्टाफ की कमी का बना रहे बहाना
जौनपुर। जिला महिला अस्पताल 100 बेड मां एवं बच्चा अस्पताल में वैसे तो चिकित्सकों तैनाती है। लेकिन अभी उनकी संख्या कम है। नर्सिंग स्टाफ 53 के मुकाबले में 16 पद रिक्त है। इसी बहाने अस्पताल प्रशासन इसे चालू करने से परहेज कर रहा है। जबकि जो पूरानी बिल्डिंग में हो रहा है वहीं आपरेशन, प्रसव, एवं आपरेशन नई बिल्डिंग में भी होना है। यहां दलालों पर भी सीसीटीवी कैमरें लगाकर अंकुश लगाया जा सकता है। बावजूद इसके इसकी शुरूआत नहीं की जा रहीं है। संसाधनों के नाम पर करोड़ों के बजट के आस में अफसर एक के बाद एक बहानेबाजी करने में जुटे है।

जिला महिला अस्पताल 100 बेड मां एवं बच्चा अस्पताल में संसाधनों के लिए साढ़े तीन करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया है। जिसमें आक्सीजन, बेड, ओटी की लाइट, लेवर रूम में संसाधन आदि की कमी पूरी की जा सकें। मेडिकल स्टाफ एवं डाक्टरों की कमी पूरा होने के बाद नई बिल्डिंग में अस्पताल का संचालन शुरू कराया जाएगा।
डा. आरए सरोज, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed