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बीएसए ने बच्चों की लगाई क्लास, कक्षा आठ के बच्चे नहीं पढ़ सके हिंदी
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प्राथमिक विद्यालय में बच्चों से किताब पढ़वाते बीएसए डा गोरखनाथ पटेल। संवाद
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। एक ओर विद्यालयों का कायाकल्प हो रहा है। वहां कांवेंट की तर्ज पर पढ़ाई का दावा किया जा रहा है लेकिन विद्यालयों में शिक्षा स्तर की सच्चाई कुछ और ही सामने आ रही है। दरअसल, बीएसए दो विद्यालय में क्लास ले रहे थे। जहां कक्षा आठ के बच्चे हिंदी नहीं पढ़ पाए। बीएसए ने प्रधानाध्यापक समेत सभी शिक्षकों को वेतन रोक दिया। इसी तरह एक और परिषदीय विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालयों में पठन-पाठन का स्तर बेहद ही खराब मिला।
बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. गोरखनाथ पटेल ने बदलापुर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय मिरशादपुर में 11:25 बजे निरीक्षण करने पहुंच गए। इस दौरान विद्यालय में नामांकित 321 छात्र संख्या के सापेक्ष 178 बच्चे उपस्थित रहे। छात्रों की उपस्थिति कम होने पर नाराजगी जताई। विद्यालय में सफाईकर्मी के नहीं आने से काफी गंदगी पाई गई। जिस पर बीएसए ने जिला पंचायत राज अधिकारी से फोन करके मामले की शिकायत दर्ज कराई। वहीं, इसी परिसर में स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में निरीक्षण के दौरान अनुदेशक सुमन यादव अनुपस्थित पाई गई। कमरों में साफ-सफाई न होने से काफी गंदगी पाई गई। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जब बच्चों से पढ़ाई की जानकारी ली तो कक्षा आठ के बच्चे हिंदी ही नहीं पढ़ सके। जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक समेत सभी स्टाफ का जुलाई का वेतन रोकने का आदेश जारी कर दिया। बक्शा विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय बड़ारी में दोपहर 12: 30 बजे निरीक्षण के दौरान शिक्षामित्र शिवकुमार प्रजापति अनुपस्थित मिले। उनका आज का मानदेय कटौती कर लिया गया है। बाकी अन्य सभी स्टाफ मौजूद रहा। कक्षा 5 में 7 बच्चों के सापेक्ष सिर्फ तीन बच्चे ही हिंदी पढ़ सके। छात्रों का अधिगम स्तर काफी खराब पाए जाने पर प्रधानाध्यापक से 2 दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
तीन स्कूलों का निरीक्षण किया। वहां की स्थिति असंतोषजनक थी। उच्च प्राथमिक विद्यालय मिरशादपुर में 75-80 प्रतिशत बच्चे हिंदी नहीं पढ़ पाए। इस पर स्कूल से सभी स्टाफ का जुलाई का वेतन रोक दिया है। प्राथमिक विद्यालय बड़ारी में भी तीन बच्चे ही हिंदी पढ़ पा रहे थे। इसके चलते दो दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने को लिए प्रधानाध्यापक को कहा गया है। - डा. गोरखनाथ पटेल, बीएसए
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बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. गोरखनाथ पटेल ने बदलापुर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय मिरशादपुर में 11:25 बजे निरीक्षण करने पहुंच गए। इस दौरान विद्यालय में नामांकित 321 छात्र संख्या के सापेक्ष 178 बच्चे उपस्थित रहे। छात्रों की उपस्थिति कम होने पर नाराजगी जताई। विद्यालय में सफाईकर्मी के नहीं आने से काफी गंदगी पाई गई। जिस पर बीएसए ने जिला पंचायत राज अधिकारी से फोन करके मामले की शिकायत दर्ज कराई। वहीं, इसी परिसर में स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में निरीक्षण के दौरान अनुदेशक सुमन यादव अनुपस्थित पाई गई। कमरों में साफ-सफाई न होने से काफी गंदगी पाई गई। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जब बच्चों से पढ़ाई की जानकारी ली तो कक्षा आठ के बच्चे हिंदी ही नहीं पढ़ सके। जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक समेत सभी स्टाफ का जुलाई का वेतन रोकने का आदेश जारी कर दिया। बक्शा विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय बड़ारी में दोपहर 12: 30 बजे निरीक्षण के दौरान शिक्षामित्र शिवकुमार प्रजापति अनुपस्थित मिले। उनका आज का मानदेय कटौती कर लिया गया है। बाकी अन्य सभी स्टाफ मौजूद रहा। कक्षा 5 में 7 बच्चों के सापेक्ष सिर्फ तीन बच्चे ही हिंदी पढ़ सके। छात्रों का अधिगम स्तर काफी खराब पाए जाने पर प्रधानाध्यापक से 2 दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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तीन स्कूलों का निरीक्षण किया। वहां की स्थिति असंतोषजनक थी। उच्च प्राथमिक विद्यालय मिरशादपुर में 75-80 प्रतिशत बच्चे हिंदी नहीं पढ़ पाए। इस पर स्कूल से सभी स्टाफ का जुलाई का वेतन रोक दिया है। प्राथमिक विद्यालय बड़ारी में भी तीन बच्चे ही हिंदी पढ़ पा रहे थे। इसके चलते दो दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने को लिए प्रधानाध्यापक को कहा गया है। - डा. गोरखनाथ पटेल, बीएसए
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