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बीएसए के निरीक्षण में खुली पोल, नदारद रहे कई शिक्षक
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जौनपुर। बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बृहस्पतिवार को जलालपुर, केराकत और धर्मापुर ब्लाक के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाएं भी बदहाल मिली। बीएसए ने संबंधित अनुपस्थित शिक्षकों का वेतन रोकते हुए उनसे स्पष्टीकरण तलब किया है।
बीएसए सबसे पहले जलालपुर ब्लाक के आदर्श प्रा.वि. नेवादा पहुंचे। वहां सहायक अध्यापक किरन मिश्र पांच अगस्त और अर्चना मौर्य चार अगस्त से अनुपस्थित थीं। कंपोजिट ग्रांट के तहत विद्यालय को मिले पांच हजार रुपये में से नियम विरुद्ध ढंग से 2800 रुपये से डेस्क-बेंच खरीदने की बात सामने आई। दो वर्षों में लाइब्रेरी के लिए दस हजार रुपये अवमुक्त होने के बाद भी कोई लाइब्रेरी विद्यालय में नहीं मिली। खरीदी गई किताबें कबाड़ में रखी गई थी। शौचालय भी क्रियाशील नहीं था। उन्होंने तीन दिन की मोहलत देते हुए पूरे मामले को स्पष्टीकरण देने को कहा। प्राथमिक विद्यालय मथुरापुर उर्फ कोठवा में प्रधानाध्यापक संतोष कुमार देर से विद्यालय पहुंचे। निधि सिंह चार अगस्त से ही अनुपस्थित रहीं। साफ-सफाई की स्थिति भी बेहद खराब मिली। परिसर में छुट्टा पशु घूम रहे थे। खेलकूद के सामान घटिया किस्म के थे। प्रशासनिक शिथिलता व वित्तीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही पर प्रधानाध्यापक का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने की संस्तुति की। पूर्व माध्यमिक विद्यालय मथुरापुर में परिचारक धनंजय मौर्य नदारद थे। साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं थी। पूर्व मा.वि. मखदूपुर में रंगाई-पुताई के बाद भी विद्यालय का नाम नहीं लिखा था। महज 12 बच्चे नामांकित थे। बीएसए ने प्रभारी प्रधानाध्यापक सत्यप्रकाश मिश्र को नामांकन बढ़ाने की हिदायत दी। केराकत ब्लाक के प्रा.वि. खर्गसेनपुर में प्रधानाध्यापक उर्मिला देवी, सहायक अध्यापक रामविलास यादव, शिक्षा मित्र विभा सिंह, जयप्रकाश यादव कई दिन से अनुपस्थित रहे। विद्यालय में गंदगी का ढेर था। सभी का वेतन बाधित करते हुए तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया। पूर्व मा.वि. बासवारी में अनुदेशक रजनीकांत मौर्य बिना सूचना अनुपस्थित थे। पुस्तकें भी नहीं वितरित हुई थीं। कन्या पूर्व मा.वि. व प्राथमिक विद्यालय उदयचंदपुर में ड्रेस का वितरण नहीं हुआ था। पुस्तकें भी आधी-अधूरी बटी थी। अनुदेशिका शालिनी दुबे अनुपस्थित रहीं। धर्मापुर ब्लाक के पूर्व मा.विद्यालय गजना में सहायक अध्यापिका विनीता शुक्ला आकस्मिक अवकाश पर थीं। अन्य सभी उपस्थित मिले। बीएसए ने बताया कि अनुपस्थित सभी प्रधानाध्यापक, शिक्षक का वेतन और अनुदेशक का मानदेय बाधित करने का आदेश दिया गया है। उन्होंने सभी शिक्षकों को समय से विद्यालय उपस्थित होने, ड्रेस, पुस्तकें वितरित करने की हिदायत दी।
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बीएसए सबसे पहले जलालपुर ब्लाक के आदर्श प्रा.वि. नेवादा पहुंचे। वहां सहायक अध्यापक किरन मिश्र पांच अगस्त और अर्चना मौर्य चार अगस्त से अनुपस्थित थीं। कंपोजिट ग्रांट के तहत विद्यालय को मिले पांच हजार रुपये में से नियम विरुद्ध ढंग से 2800 रुपये से डेस्क-बेंच खरीदने की बात सामने आई। दो वर्षों में लाइब्रेरी के लिए दस हजार रुपये अवमुक्त होने के बाद भी कोई लाइब्रेरी विद्यालय में नहीं मिली। खरीदी गई किताबें कबाड़ में रखी गई थी। शौचालय भी क्रियाशील नहीं था। उन्होंने तीन दिन की मोहलत देते हुए पूरे मामले को स्पष्टीकरण देने को कहा। प्राथमिक विद्यालय मथुरापुर उर्फ कोठवा में प्रधानाध्यापक संतोष कुमार देर से विद्यालय पहुंचे। निधि सिंह चार अगस्त से ही अनुपस्थित रहीं। साफ-सफाई की स्थिति भी बेहद खराब मिली। परिसर में छुट्टा पशु घूम रहे थे। खेलकूद के सामान घटिया किस्म के थे। प्रशासनिक शिथिलता व वित्तीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही पर प्रधानाध्यापक का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने की संस्तुति की। पूर्व माध्यमिक विद्यालय मथुरापुर में परिचारक धनंजय मौर्य नदारद थे। साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं थी। पूर्व मा.वि. मखदूपुर में रंगाई-पुताई के बाद भी विद्यालय का नाम नहीं लिखा था। महज 12 बच्चे नामांकित थे। बीएसए ने प्रभारी प्रधानाध्यापक सत्यप्रकाश मिश्र को नामांकन बढ़ाने की हिदायत दी। केराकत ब्लाक के प्रा.वि. खर्गसेनपुर में प्रधानाध्यापक उर्मिला देवी, सहायक अध्यापक रामविलास यादव, शिक्षा मित्र विभा सिंह, जयप्रकाश यादव कई दिन से अनुपस्थित रहे। विद्यालय में गंदगी का ढेर था। सभी का वेतन बाधित करते हुए तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया। पूर्व मा.वि. बासवारी में अनुदेशक रजनीकांत मौर्य बिना सूचना अनुपस्थित थे। पुस्तकें भी नहीं वितरित हुई थीं। कन्या पूर्व मा.वि. व प्राथमिक विद्यालय उदयचंदपुर में ड्रेस का वितरण नहीं हुआ था। पुस्तकें भी आधी-अधूरी बटी थी। अनुदेशिका शालिनी दुबे अनुपस्थित रहीं। धर्मापुर ब्लाक के पूर्व मा.विद्यालय गजना में सहायक अध्यापिका विनीता शुक्ला आकस्मिक अवकाश पर थीं। अन्य सभी उपस्थित मिले। बीएसए ने बताया कि अनुपस्थित सभी प्रधानाध्यापक, शिक्षक का वेतन और अनुदेशक का मानदेय बाधित करने का आदेश दिया गया है। उन्होंने सभी शिक्षकों को समय से विद्यालय उपस्थित होने, ड्रेस, पुस्तकें वितरित करने की हिदायत दी।
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