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Jaunpur News: बौद्धिक एवं सांस्कृतिक स्वाभिमान को मजबूत करने पर मंथन
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जौनपुर। स्वदेशी जागरण मंच की ओर से संचालित स्वावलंबी भारत अभियान के तहत आयोजित काशी प्रांत का प्रांतीय विचार वर्ग शनिवार को उत्साह एवं वैचारिक ऊर्जा के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में स्वदेशी, आत्मनिर्भरता, भारतीय चिंतन, युवा सशक्तिकरण एवं राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर मंथन हुआ।
समारोप सत्र में विभिन्न वक्ताओं ने भारत के आर्थिक, बौद्धिक एवं सांस्कृतिक स्वाभिमान को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह-संयोजक डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि स्वदेशी जागरण मंच द्वारा प्रारंभ किया जा रहा स्वदेशी स्वावलंबन अभियान केवल एक संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं बल्कि राष्ट्र पुनर्निर्माण का व्यापक अभियान है। यह अभियान ऊर्जा आत्मनिर्भरता, स्वदेशी तकनीक, हरित ऊर्जा, स्थानीय उत्पादन और विदेशी निर्भरता को कम करने के माध्यम से भारत को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अ
खिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत अध्यक्ष डॉ. महेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि स्वदेशी केवल विचार नहीं बल्कि भारतीय जीवन पद्धति का मूल तत्व है। जब तक स्वदेशी भाव हमारे व्यवहार और चिंतन में आत्मसात नहीं होगा, तब तक वास्तविक आत्मनिर्भरता संभव नहीं है। प्रो. अजय द्विवेदी ने कहा कि स्वदेशी विचार ही मानसिक गुलामी से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
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विभाग सह संघचालक प्रो. अविनाश ने कहा कि भारतीय शोध दृष्टि स्व-आधारित एवं मानव केंद्रित होनी चाहिए। मड़ियाहूं पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सुरेश पाठक ने कहा कि युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना ही स्वदेशी जागरण मंच का मूल उद्देश्य है। इस मौके पर डॉ. अखिलेश त्रिपाठी, डॉ. विजय कुमार सिंह, डॉ. विवेक मिश्र, डॉ. मनोज कुमार पांडेय, अजय आनंद,वेद प्रकाश मिश्र, डॉ. प्रशांत, ममता, उद्देश्य सिंह, आदित्य कुमार उपस्थित रहे।
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समारोप सत्र में विभिन्न वक्ताओं ने भारत के आर्थिक, बौद्धिक एवं सांस्कृतिक स्वाभिमान को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह-संयोजक डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि स्वदेशी जागरण मंच द्वारा प्रारंभ किया जा रहा स्वदेशी स्वावलंबन अभियान केवल एक संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं बल्कि राष्ट्र पुनर्निर्माण का व्यापक अभियान है। यह अभियान ऊर्जा आत्मनिर्भरता, स्वदेशी तकनीक, हरित ऊर्जा, स्थानीय उत्पादन और विदेशी निर्भरता को कम करने के माध्यम से भारत को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अ
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खिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत अध्यक्ष डॉ. महेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि स्वदेशी केवल विचार नहीं बल्कि भारतीय जीवन पद्धति का मूल तत्व है। जब तक स्वदेशी भाव हमारे व्यवहार और चिंतन में आत्मसात नहीं होगा, तब तक वास्तविक आत्मनिर्भरता संभव नहीं है। प्रो. अजय द्विवेदी ने कहा कि स्वदेशी विचार ही मानसिक गुलामी से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
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विभाग सह संघचालक प्रो. अविनाश ने कहा कि भारतीय शोध दृष्टि स्व-आधारित एवं मानव केंद्रित होनी चाहिए। मड़ियाहूं पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सुरेश पाठक ने कहा कि युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना ही स्वदेशी जागरण मंच का मूल उद्देश्य है। इस मौके पर डॉ. अखिलेश त्रिपाठी, डॉ. विजय कुमार सिंह, डॉ. विवेक मिश्र, डॉ. मनोज कुमार पांडेय, अजय आनंद,वेद प्रकाश मिश्र, डॉ. प्रशांत, ममता, उद्देश्य सिंह, आदित्य कुमार उपस्थित रहे।