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ब्रह्मचारिणी रूप में पूजीं गईं मां दुर्गा
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Mon, 03 Oct 2016 01:15 AM IST
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ओलंदगंज फलवाली गली में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा।
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शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा की गई। रविवार को भोर से दर्शन पूजन के लिए शीतला धाम चौकिया और मैहर मंदिर परिसर में दर्शन के भक्तों की भीड़ लगी रही। दर्शन के लिए सुबह से लोग कतार में लग गए थे। भोर से ही घंटा घडिय़ाल से मंदिर परिसर गूंजने लगे। आदि शक्ति के दर्शन के लिए देवी मंदिरों में हुजूम उमड़ा।
शहर के फलवाली गली में श्री दुर्गा पूजा समिति, त्याग संस्था की ओर से कोतवाली और श्री महाशक्ति संस्था गौशाला परिसर, रुहट्टा समेत शहर के सभी इलाकों में भव्य पंडाल लगाए गए हैं। नौ दिन मां भगवती के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है।
श्रद्धालु भगवती के रूप को पूजकर कृतार्थ होते हैं। शनिवार को नवरात्र के पहले दिन घरों में कलश स्थापना की गई। श्रद्धालुओं ने अपने परिवार वालों के साथ देवी शैलपुत्री की स्तुति की। दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा का पाठ किया गया। शाम होते ही पूजा पंडालों में पुरोहितों ने हवन-पूजन के बाद देवी प्रतिमाओं के पट खोल दिए।
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इसके साथ ही देवी के जयकारे फि जा में गूंजने लगे। सिकरारा चौराहा, शेरवां लाला बाजार, अजोशी महावीर धाम में पूजा-अर्चना हुई। सिंगरामऊ सिद्धिपीठ मां काली मंदिर में शारदीय नवरात्र के दूसरे भी दिन भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में नारियल, चुनरी चढ़ाकर मत्था टेका।
मुंगराबादशाहपुर, केराकत, मडिय़ाहूं, बदलापुर, जलालपुर, बरसठी, शाहगंज क्षेत्र में देवी मंदिरों पर सुबह से दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहा। शाम होते ही पंडालों में देवी भजन से गूंज उठा। घरों में हुई कलश स्थापना महिलाओं ने रखा व्रत रखकर पूजा अर्चना की।
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शहर के फलवाली गली में श्री दुर्गा पूजा समिति, त्याग संस्था की ओर से कोतवाली और श्री महाशक्ति संस्था गौशाला परिसर, रुहट्टा समेत शहर के सभी इलाकों में भव्य पंडाल लगाए गए हैं। नौ दिन मां भगवती के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है।
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श्रद्धालु भगवती के रूप को पूजकर कृतार्थ होते हैं। शनिवार को नवरात्र के पहले दिन घरों में कलश स्थापना की गई। श्रद्धालुओं ने अपने परिवार वालों के साथ देवी शैलपुत्री की स्तुति की। दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा का पाठ किया गया। शाम होते ही पूजा पंडालों में पुरोहितों ने हवन-पूजन के बाद देवी प्रतिमाओं के पट खोल दिए।
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इसके साथ ही देवी के जयकारे फि जा में गूंजने लगे। सिकरारा चौराहा, शेरवां लाला बाजार, अजोशी महावीर धाम में पूजा-अर्चना हुई। सिंगरामऊ सिद्धिपीठ मां काली मंदिर में शारदीय नवरात्र के दूसरे भी दिन भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में नारियल, चुनरी चढ़ाकर मत्था टेका।
मुंगराबादशाहपुर, केराकत, मडिय़ाहूं, बदलापुर, जलालपुर, बरसठी, शाहगंज क्षेत्र में देवी मंदिरों पर सुबह से दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहा। शाम होते ही पंडालों में देवी भजन से गूंज उठा। घरों में हुई कलश स्थापना महिलाओं ने रखा व्रत रखकर पूजा अर्चना की।