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20 साल से जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी से दूर है भाजपा
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए तीन जुलाई को होने वाले चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। इस प्रतिष्ठित पद से सत्ताधारी दल भाजपा 20 सालों से दूर है। लेकिन, इस बार इस पद को हासिल करने के लिए बेचैन है। इसके लिए संगठन के जिले स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक मंथन चल रही है। इसी वजह से अभी तक पार्टी अपना चेहरा तय नहीं कर पा रही है। दूसरी ओर पिछली बार इस पद पर काबिज रही सपा अपना कब्जा बरकरार रखने के लिए न केवल प्रत्याशी का ऐलान कर चुकी है, बल्कि अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। वहीं, अन्य प्रत्याशी भी जिले का पहला नागरिक बनने के लिए दमदारी से मैदान में डटे हुए हैं।
भाजपा 1995 के बाद से इस सीट पर कभी नहीं जीती है। पिछले चुनाव को देखे 20 साल बाद यह महिला के लिए आरक्षित हुई है। 1995 में महिला के लिए आखिरी बार आरक्षित हुई थी, तब भाजपा की कमला सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष बनी थी, जबकि उसके बाद साल 2000 में यह सीट पिछड़े वर्ग की महिला के लिए आरक्षित हुई तो बसपा की प्रभावती पाल ने इस कुर्सी पर कब्जा जमा लिया। हालांकि अगले पांच साल बाद यानि 2005 में सपा की कलावती यादव इस प्रतिष्ठित पद के लिए चुनी गई। साल 2010 में यह सीट अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित हुई तो बसपा की अनीता सिद्धार्थ जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं। लेकिन उनके जाति प्रमाण पत्र को लेकर हुए विवाद कारण आखिरकार बीच में ही चुनाव कराना पड़ा था, जिसके चलते सपा की शारदा चौधरी जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुई। इसके बाद साल 2015 में यह सीट पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित हो गई, तब सपा के राज बहादुर यादव बड़े अंतर से चुनाव जीतकर इस कुर्सी पर बैठे। जिसे इस बार भी बरकरार रखने के लिए सपा ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष कलावती यादव के बेटे डॉ. जितेंद्र यादव की पत्नी निशी यादव को अपना चेहरा बनाया है। साथ ही अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए अपने विधायकों, पूर्व विधायकों और कार्यकर्ताओं के अलावा संगठन के लोगों को रण में उतार दिया है, जो जिला पंचायत सदस्यों से संपर्क करने में लगे हुए हैं। वहीं, पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला रेड्डी के भी चुनाव में दमदारी से आने की चर्चा है। दूसरी ओर भाजपा भी अपने 20 साल के लंबे इंतजार को खत्म करने के लिए प्रत्याशियों की खोज में लगी हुई है। कहा जा रहा है कि इसी सप्ताह प्रत्याशी अपने उम्मीदवार की घोषणा कर सकती है, जिनमें दो नाम की ज्यादा चर्चा हैं, जो जिला पंचायत सदस्यों से संपर्क करने में दिन-रात लगे हुए हैं।
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हम पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की विचारधारा पर काम कर रहे हैं। इसी सप्ताह ही प्रत्याशी के नाम की घोषणा हो जाएगी। हम इस बार चुनाव जीतेंगे। 83 जिला पंचायत सदस्यों में से हमारे पास 60 से ज्यादा जिला पंचायत सदस्यों का समर्थन है।- पुष्पराज सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा
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इस बार भी हमारी जीत तय है, क्योंकि जो हमारे सक्रिय सदस्य हैं, उनमें ही 42 लोग जिला पंचायत सदस्य के रूप में चुनकर आए हैं। इसके अलावा समाजवादी विचारधारा के 5-7 लोग हमारे साथ हैं। इस तरह दलीय आधार पर 55 जिला पंचायत सदस्य हमारे साथ हैं और हमारी जीत पक्की है।- लाल बहादुर यादव, जिलाध्यक्ष, सपा
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भाजपा 1995 के बाद से इस सीट पर कभी नहीं जीती है। पिछले चुनाव को देखे 20 साल बाद यह महिला के लिए आरक्षित हुई है। 1995 में महिला के लिए आखिरी बार आरक्षित हुई थी, तब भाजपा की कमला सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष बनी थी, जबकि उसके बाद साल 2000 में यह सीट पिछड़े वर्ग की महिला के लिए आरक्षित हुई तो बसपा की प्रभावती पाल ने इस कुर्सी पर कब्जा जमा लिया। हालांकि अगले पांच साल बाद यानि 2005 में सपा की कलावती यादव इस प्रतिष्ठित पद के लिए चुनी गई। साल 2010 में यह सीट अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित हुई तो बसपा की अनीता सिद्धार्थ जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं। लेकिन उनके जाति प्रमाण पत्र को लेकर हुए विवाद कारण आखिरकार बीच में ही चुनाव कराना पड़ा था, जिसके चलते सपा की शारदा चौधरी जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुई। इसके बाद साल 2015 में यह सीट पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित हो गई, तब सपा के राज बहादुर यादव बड़े अंतर से चुनाव जीतकर इस कुर्सी पर बैठे। जिसे इस बार भी बरकरार रखने के लिए सपा ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष कलावती यादव के बेटे डॉ. जितेंद्र यादव की पत्नी निशी यादव को अपना चेहरा बनाया है। साथ ही अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए अपने विधायकों, पूर्व विधायकों और कार्यकर्ताओं के अलावा संगठन के लोगों को रण में उतार दिया है, जो जिला पंचायत सदस्यों से संपर्क करने में लगे हुए हैं। वहीं, पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला रेड्डी के भी चुनाव में दमदारी से आने की चर्चा है। दूसरी ओर भाजपा भी अपने 20 साल के लंबे इंतजार को खत्म करने के लिए प्रत्याशियों की खोज में लगी हुई है। कहा जा रहा है कि इसी सप्ताह प्रत्याशी अपने उम्मीदवार की घोषणा कर सकती है, जिनमें दो नाम की ज्यादा चर्चा हैं, जो जिला पंचायत सदस्यों से संपर्क करने में दिन-रात लगे हुए हैं।
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हम पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की विचारधारा पर काम कर रहे हैं। इसी सप्ताह ही प्रत्याशी के नाम की घोषणा हो जाएगी। हम इस बार चुनाव जीतेंगे। 83 जिला पंचायत सदस्यों में से हमारे पास 60 से ज्यादा जिला पंचायत सदस्यों का समर्थन है।- पुष्पराज सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा
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इस बार भी हमारी जीत तय है, क्योंकि जो हमारे सक्रिय सदस्य हैं, उनमें ही 42 लोग जिला पंचायत सदस्य के रूप में चुनकर आए हैं। इसके अलावा समाजवादी विचारधारा के 5-7 लोग हमारे साथ हैं। इस तरह दलीय आधार पर 55 जिला पंचायत सदस्य हमारे साथ हैं और हमारी जीत पक्की है।- लाल बहादुर यादव, जिलाध्यक्ष, सपा