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भागवत कथा और सत्संग से दूर होती है नकारात्मकता : राजेश पाठक
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खुटहन। क्षेत्र के सिमरावासी गांव में आयोजित सामूहिक श्रीमद्भागवत कथा में शुक्रवार को काशी विश्वनाथ मंदिर के आचार्य राजेश पाठक ने श्रीमद्भागवत की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा, भजन-कीर्तन और सत्संग के माध्यम से व्यक्ति के जीवन से नकारात्मकता दूर होती है तथा भक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।
आचार्य राजेश पाठक ने कहा कि कलयुग में मोक्ष प्राप्ति का सर्वोत्तम साधन भगवान का स्मरण और सत्संग है। श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को आध्यात्मिकता से जोड़ने के साथ उसे जीवन के सही मूल्यों का बोध कराती है।
उन्होंने कहा कि सामूहिक भागवत कथा का आयोजन समाज और आने वाली पीढ़ियों को सनातन धर्म से जोड़ने का प्रेरणादायी प्रयास है। ऐसे धार्मिक आयोजन हिंदू संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कथा के यजमान सुभाष चंद्र तिवारी, राजकुमार तिवारी और ओमप्रकाश तिवारी रहे। इस दौरान अमरनाथ तिवारी, कुंवर साहब, केशरी प्रसाद तिवारी, लालबहादुर, श्रवण तिवारी, अवधेश यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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आचार्य राजेश पाठक ने कहा कि कलयुग में मोक्ष प्राप्ति का सर्वोत्तम साधन भगवान का स्मरण और सत्संग है। श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को आध्यात्मिकता से जोड़ने के साथ उसे जीवन के सही मूल्यों का बोध कराती है।
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उन्होंने कहा कि सामूहिक भागवत कथा का आयोजन समाज और आने वाली पीढ़ियों को सनातन धर्म से जोड़ने का प्रेरणादायी प्रयास है। ऐसे धार्मिक आयोजन हिंदू संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कथा के यजमान सुभाष चंद्र तिवारी, राजकुमार तिवारी और ओमप्रकाश तिवारी रहे। इस दौरान अमरनाथ तिवारी, कुंवर साहब, केशरी प्रसाद तिवारी, लालबहादुर, श्रवण तिवारी, अवधेश यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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