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सावधान: जिंदगी के लिए खतरा न बन जाए सांसे देने वाला सिलेंडर

Thu, 27 May 2021 12:01 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 27 May 2021 12:01 AM IST
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Beware: a cylinder that does not become a threat to life
कोविड के इस दौर में शरीर में ऑक्सीजन का लेबल कम होने पर मरीजों की ऑक्सीजन सिलिंडर से जान जरूर बचाई जा सकती है, लेकिन जरा सी लापरवाही हुई तो सांसे देने वाला यह ऑक्सीजन सिलिंडर सांसे थाम भी सकता है। इस्तेमाल से पहले ऑक्सीजन सिलिंडर और उसके साथ उपयोग होने वाले अन्य छोटे उपकरणों की साफ-सफाई जरूरी है। सफाई न होने से ऑक्सीजन के साथ हानिकारक तत्व भी शरीर के अंदर जाकर नुकसान पहुंचा सकते हैं।
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इन दिनों कोविड के बाद ब्लैक फंगस नई चुनौती के रूप में सामने आया है। यह जानलेवा फंगस कैसे शरीर में पहुंच रहा है, यह अभी तक साफ नहीं हो सका है। जानकार ऑक्सीजन सिलिंडर की साफ-सफाई न होने को भी इस जानलेवा फंगस के शरीर में पहुंचने की आशंका जता रहे हैं। कोरोना काल में अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत है। तीमारदार जहां-तहां से ऑक्सीजन सिलिंडर का बंदोबस्त कर रहे हैं। जिसे जहां जैसा सिलिंडर मिला जान बचाने के लिए इस्तेमाल कर रहा है। ऐसे में सावधानी नहीं बरती तो ये खतरनाक भी हो सकते हैं। अस्पतालों में ऑक्सीजन संकट के चलते घरों पर मरीजों को ऑक्सीजन सिलिंडर से सांसें दी जा रही हैं। जानकार मानते हैं कि इसमें सावधानी न बरती गई तो लापरवाही से जिंदगी खतरे में पड़ सकती है। इसलिए जरूरी है कि सिलिंडर की सफाई जरूर की जाए। सिलिंडर के लीकेज पर भी ध्यान देना चाहिए।
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ऑक्सीजन सिलिंडर अगर लंबे समय से कहीं रखा हुआ है तो ऊपरी हिस्से में कुछ हानिकारक तत्व जमा हो जाते हैं, जो ऑक्सीजन नली के साथ शरीर के अंदर प्रवेश कर सकते हैं। खास तौर से जो लोग घरों पर सिलिंडर इस्तेमाल करते हैं, वे फ्लोमीटर और फिल्टर भी नहीं लगाते। इससे खतरे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। -डॉ एचडी सिंह, वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ।
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ब्लैक फंगस हवा के माध्यम से ही शरीर के अंदर जाता है। सावधानी नहीं बरती गई तो कहीं से भी नुकसान पहुंच सकता है। वैसे अभी तक जो देखा गया है कि अधिक दिनों तक स्टेरायड पर चलने वाले मरीजों या जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बिल्कुल कमजोर है वही इसकी चपेट में आ रहे हैं। ऑक्सीजन सिलिंडर, मास्क और उसके साथ इस्तेमाल होने वाले फ्लोमीटर आदि की नियमित सफाई जरूरी होती है। -डॉ अनिल कुमार शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल।
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