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पराली जलाने पर नहीं मिलेगा योजनाओं का लाभ, लगेगा जुर्माना

Wed, 03 Nov 2021 12:15 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 03 Nov 2021 12:15 AM IST
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Benefits of schemes will not be available for burning stubble, will be fined
जिले में इस समय धान की कटाई जोरों पर चल रही है। इस बीच फसल अवशेष खेतों में जलाने वाले किसानों को कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। साथ ही यह भी कहा गया है कि फसल अवशेष जलाने वाले किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। अगर कोई किसान धान की कटाई के बाद उसके अवशेष को जलाया तो उसे कृषि विभाग में संचालित योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ सकता है। उनके ऊपर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
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उप निदेशक कृषि जय प्रकाश ने कहा कि पराली जलाने से प्रदूषण फैलता है। इससे वातावरण प्रदूषित होने के साथ ही खेतों की उर्वरा शक्ति भी प्रभावित होती है। खेतों में पराली जलाए जाने से मिट्टी के अंदर लाभदायक जीवाणु मर जाते हैं। इसका असर मिट्टी के स्वास्थ्य पर पड़ता है। उत्पादन व उत्पादकता पर भी प्रभाव पड़ता है। इसलिए किसानों को चाहिए कि वे धान की कटाई के बाद अवशेष को डी कंपोजर अथवा कृषि यंत्र का प्रयोग कर खेतों में मिला दें। इससे मिट्टी में जीवांश की मात्रा बढ़ेगी। साथ ही अवशेष मिट्टी में मिला देने से वह कार्बनिक खाद के रूप में पौधों को उपलब्ध होगा। इससे किसानों को खाद का कम प्रयोग करना पड़ेगा। इससे खेती की लागत कम होगी। उन्होंने आगाह किया कि जो किसान कटाई के बाद फसल अवशेष खेतों में जलाएंगे, उन्हें सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित कर दिया जाएगा। साथ ही उनसे जुर्माना भी वसूल किया जाएगा।
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