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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   Badlapur CHC has been without an eye surgeon for seven years, and cataract operations have stalled.

Jaunpur News: बदलापुर सीएचसी में सात साल से नेत्र सर्जन नहीं, मोतियाबिंद के ऑपरेशन ठप

Wed, 19 Nov 2025 01:33 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 19 Nov 2025 01:33 AM IST
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Badlapur CHC has been without an eye surgeon for seven years, and cataract operations have stalled.
राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के प्रति जिम्मेदार कितना उदासीन है। इसका उदाहरण बदलापुर सीएचसी है। सात साल तक यह सीएचसी मोतियाबिंद के ऑपरेशन के मामले में तीन साल तक पहले स्थान पर रहा। अब यहां सात साल से नेत्र सर्जन व मशीन नहीं है। यहां नेत्ररोगियाें का उपचार नहीं हो पा रहा है। अब बदलापुर सीएचसी की तरफ मोतियाबिंद वाले मरीज नहीं देखते हैं।
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लखनऊ-वाराणसी रोड पर स्थित सीएचसी बदलापुर को मिनी जिला अस्पताल के नाम से जाना जाता है। यहां सात साल पहले खूब मोतियाबिंद के रोग पहुंचते थे। यह सीएचसी लगातार तीन वर्ष 2015,16 व 17 में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के मामले में प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा। यहां तीन साल में तीन हजार से अधिक मोतियाबिंद के रोगियों का इलाज किया गया। यहां लगभग 20 किमी दूर से लोग आंख का इलाज व आपरेशन कराने आते थे। नेत्र सर्जन डाॅ. एस सी वर्मा का 2018 में स्थानांतरण हो गया। इसके बाद सीएचसी में नेत्र सर्जन की तैनाती नहीं की गई। नेत्र परीक्षण अधिकारी राकेश मिश्र ने बताया यहां सर्जन की तैनाती सात वर्षों से नहीं है। जो भी मरीज आते है उन्हें चिह्नित कर राजकीय लीलावती आंख अस्पताल जौनपुर भेजा जाता है। अभी तक 250 रोगी चिह्ति किए गए है जिनमें 52 का ऑपरेशन कराया गया है। यहां मोतियाबिंद के ऑपरेशन की मशीन विभाग ने कंडम घोषित कर दी है। मशीन सही होती तो जिला मुख्यालय से चिकित्सक बुलाकर ऑपरेशन करवाया जा सकता था। मुझे दोनों आंख में मोतियाबिंद है, एक का ऑपरेशन करा चुका हूं। सीएचसी में दूसरी आंख के ऑपरेशन के लिए गया तो पता चला इसके लिए जिले पर जाना पड़ेगा। डॉ. अरविंद कुमार पांडेय अधीक्षक ने बताया कि मोतियाबिंद के रोगियों का ऑपरेशन अधिकतर ठंड में किया जाता है। अभी तक जो भी रोगी चिह्तिन किए जाते है उन्हें उपचार हेतु जिला मुख्यालय भेजा जाता है। यहां उपलब्ध मशीन कंडम घोषित की गई है। जिसके लिए डिमांड भेजी जाएगी। नेत्र सर्जन के लिए भी उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। -
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