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आया वसंत, पूजी जाएंगी वाग्देवी
Updated Mon, 22 Jan 2018 12:41 AM IST
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आया बसंत
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सरसों की क्यारियों में पीले फूल खिल गए हैं। चहकती धूप ने जाड़े को फिलहाल विदाई दे दी है। ऋतुराज वसंत दस्तक दे रहे हैं। सोमवार को इसका स्वागत किया जाएगा। घर-घर स्वागत की तैयारियां हो चुकी हैं। स्कूलों वाग्देवी की पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रविवार कोे इसका पूर्वाभ्यास किया जाता रहा। पूजा पंडालों में देर रात तक सरस्वती प्रतिमाएं लाई जाती रहीं।
वसंत ऋतु का आगमन 22 जनवरी से हो रहा है। वसंत पंचमी के दिन स्कूलों में मां सरस्वती की पूजा अर्चना की जाएगी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन कार्यक्रम को लेकर स्कूलों में बच्चों को पूर्वाभ्यास कराया जा रहा है। इस दिन लोग मां सरस्वती को सफेद मिष्ठान, पीले वस्त्र व पुष्प अर्पित कर सद्बुद्धि का आशीर्वाद मांगते हैं। फलहारी महाराज का कहना है कि इस समय शुक्र अस्त हैं। शुक्र के उदय होने तक वैवाहिक कार्यक्रम नहीं हों सकेंगे। वसंत पंचमी के दिन ही हर मोहल्ले, चौराहे पर होलिका की स्थापना की जाती है। इसी दिन से होली के आगमन की तैयारी शुरू हो जाती है। पूर्वांचल विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया है। इसमें छात्रों को मेडल व डिग्री प्रदान की जाएगी। वैसे भी खेत पीली सरसों के फूल खिलते ही वसंत के आगमन का संकेत हो जाता है। मौसम भी सुहाना लगने लगता है।
वसंत ऋतु का आगमन 22 जनवरी से हो रहा है। वसंत पंचमी के दिन स्कूलों में मां सरस्वती की पूजा अर्चना की जाएगी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन कार्यक्रम को लेकर स्कूलों में बच्चों को पूर्वाभ्यास कराया जा रहा है। इस दिन लोग मां सरस्वती को सफेद मिष्ठान, पीले वस्त्र व पुष्प अर्पित कर सद्बुद्धि का आशीर्वाद मांगते हैं। फलहारी महाराज का कहना है कि इस समय शुक्र अस्त हैं। शुक्र के उदय होने तक वैवाहिक कार्यक्रम नहीं हों सकेंगे। वसंत पंचमी के दिन ही हर मोहल्ले, चौराहे पर होलिका की स्थापना की जाती है। इसी दिन से होली के आगमन की तैयारी शुरू हो जाती है। पूर्वांचल विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया है। इसमें छात्रों को मेडल व डिग्री प्रदान की जाएगी। वैसे भी खेत पीली सरसों के फूल खिलते ही वसंत के आगमन का संकेत हो जाता है। मौसम भी सुहाना लगने लगता है।
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