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जगाया, अंदेशा जताया...फिर भी प्रशासन को होश नहीं आया

Sat, 30 Oct 2021 11:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 30 Oct 2021 11:57 PM IST
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Awakened, expressed apprehension... still the administration did not come to its senses
मड़ियाहूं में पटाखा विस्फोट के बाद पड़ोसी मोबिन की गिरी बाउंड्री - फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। आखिर वही हुआ, जिसका अंदेशा अमर उजाला ने 28 अक्तूबर को ही जता दिया था। लेकिन इसके बाद भी ध्यान न देने का नतीजा ये हुआ कि घनी आबादी में अवैध तरीके से बन रहे पटाखा बनाने की फैक्ट्री में शनिवार को विस्फोट हो गया। इस घटना में दो मासूम सहित पांच लोग झुलस गए। पटाखा कारोबार की लापरवाहियों और अनदेखी को लेकर अमर उजाला ने अवैध पटाखा कारोबार ने तेरह वर्षों में ली 18 लोगों की जान, आधी थी कार्रवाई, पूरी करने की याद अब आई... शीर्षक से सिलसिलेवार खबरें प्रमुखता के साथ प्रकाशित की थी। इसके बाद भी प्रशासन ने इस ओर थोड़ी भी गंभीरता नहीं दिखाई।
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नगर के कटघरा, चहारसू चौराहा, शाहगंज पड़ाव सहित विभिन्न मोहल्लों व तहसील तथा ग्रामीण कस्बों में अवैध रूप से पटाखों का निर्माण व बिक्री थोक और फुटकर व्यवसाइयों द्वारा किया जाता है। सुरक्षा को दरकिनार कर चल रहे इस धंधे से कभी भी बड़ी घटना की संभावना हमेशा बनी रहती है। जनपद में कई बड़े हादसे हो चुके हैं। बावजूद इसके जिम्मेदारों के स्तर से इसे लेकर उदासीनता बरती जाती है। देखा जाए तो नगर सहित जिले की कई मोहल्ले बारूद के ढेर पर हैं। कुछ लोग घनी आबादी में छुपे तौर पर पटाखों को बनाने और उन्हें बेचने का काम करते हैं। वहीं, प्रशासन सब कुछ जानते हुए भी अनजान बना हुआ है। दीपावली नजदीक आते ही इस खेल की गति तेज हो जाती है, जैसा कि इस बार भी देखने को मिला।
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13 साल में पटाखा विस्फोट से हुए बड़े हादसे
15 दिसंबर 2017 : बक्शा थाना क्षेत्र के बेलापुर गांव में पटाखों के गोदाम में विस्फोट हो गया था। इससे आरिफ (12) और उसके बड़े भाई आशिक(22) की मौत हो गई थी।
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14 मई 2017: शहर कोतवाली के कटघरा मोहल्ले में पटाखा रखे घर में अचानक विस्फोट हो गया था। हादसे में नन्हकी (23) की मौत हो गई, जबकि नौसाबा (48) ने एक माह बाद उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
9 अप्रैल 2015: मछलीशहर कोतवाली क्षेत्र के सादीगंज दक्षिणी मोहल्ले में कूड़े के ढेर में विस्फोट हो गया था। इसमें तीन बच्चों की मौत हो गई थी।
16 नवंबर 2009: मडियाहूं कोतवाली क्षेत्र के मिरदहा मोहल्ले में पटाखा बनाते समय विस्फोट हो गया था। इस घटना में लाल मोहम्मद उर्फ लल्ला, हारुन, एहसान की मौके पर ही मौत हो गई थी।

8 जुलाई 2008 : शहर कोतवाली क्षेत्र के ओलंदगंज उमरपुर मोहल्ले में पटाखा गोदाम में विस्फोट हुआ, जो अभीतक की सबसे बड़ी घटना है। इस विस्फोट से दो मंजिला मकान ढह गया था। पटाखा कारोबारी राजेश विश्वकर्मा समेत उनके परिवार के सभी आठ सदस्यों की मौत हो गई थी। उस परिवार में एक भी सदस्य जिंदा नहीं बच सका था।
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