{"_id":"57d1b98e4f1c1b5d78317462","slug":"association-chief-accountant-of-dengue-deaths","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेंगू से लेखपाल संघ के अध्यक्ष की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेंगू से लेखपाल संघ के अध्यक्ष की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Fri, 09 Sep 2016 12:48 AM IST
विज्ञापन
डेंगू, मच्छर
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मछलीशहर लेखपाल संघ के अध्यक्ष सुरेश यादव की बुधवार को डेंगू से वाराणसी के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी मौत के बाद सिकरारा के रीठी गांव में शोक की लहर दौड़ गई। आंकड़ाें पर गौर करें तो एक माह के अंदर डेंगू से छह लोगों की मौत वाराणसी, लखनऊ, इलाहाबाद के अस्पतालों में इलाज के दौरान हो चुकी है।
बीस से अधिक लोग जीवन और मौत से जूझ रहे हैं। जानलेवा बीमारी नही होने के बावजूद भी डेंगू को लेकर लोगों में दहशत पैदा हो गई है। शहर से लेकर गांवों तक गंदगी का साम्राज्य फैला हुआ है। मच्छरों की भरमार है। कहीं कोई छिड़काव नही किया जा रहा है।
न ही जांच की जिला अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में बेहतर व्यवस्था है। उधर प्राइवेट चिकित्सक लोगों में डेंगू का खौफ पैदाकर खजाना भर रहे हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो निगोह निवासी उमाशंकर बहेलिया, खुटहन के नगवा गांव निवासी राम लखन सिंह समेत छह लोगों की एक माह के अंदर डेंगू बुखार से पीड़ित होने के कारण मौत हुई है।
विज्ञापन
जबकि परियत के पुरईपुर निवासी सौरभ पटेल, पालीटेक्निक निवासी विनय वर्मा समेत कई लोग अस्पताल में जूझ रहे हैं। एक सप्ताह के अंदर जिला अस्पताल में डेंगू बुखार से पीड़ित तीन मरीजों के आने की पुष्टि हुई है। लेखपाल संघ के अध्यक्ष की मौत से उनके घर में मातम छा गया। उनके निधन पर गांव में शोक व्यक्त करने वालों का तांता लग गया।
विज्ञापन
बीस से अधिक लोग जीवन और मौत से जूझ रहे हैं। जानलेवा बीमारी नही होने के बावजूद भी डेंगू को लेकर लोगों में दहशत पैदा हो गई है। शहर से लेकर गांवों तक गंदगी का साम्राज्य फैला हुआ है। मच्छरों की भरमार है। कहीं कोई छिड़काव नही किया जा रहा है।
विज्ञापन
न ही जांच की जिला अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में बेहतर व्यवस्था है। उधर प्राइवेट चिकित्सक लोगों में डेंगू का खौफ पैदाकर खजाना भर रहे हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो निगोह निवासी उमाशंकर बहेलिया, खुटहन के नगवा गांव निवासी राम लखन सिंह समेत छह लोगों की एक माह के अंदर डेंगू बुखार से पीड़ित होने के कारण मौत हुई है।
विज्ञापन
जबकि परियत के पुरईपुर निवासी सौरभ पटेल, पालीटेक्निक निवासी विनय वर्मा समेत कई लोग अस्पताल में जूझ रहे हैं। एक सप्ताह के अंदर जिला अस्पताल में डेंगू बुखार से पीड़ित तीन मरीजों के आने की पुष्टि हुई है। लेखपाल संघ के अध्यक्ष की मौत से उनके घर में मातम छा गया। उनके निधन पर गांव में शोक व्यक्त करने वालों का तांता लग गया।