जौनपुर: पूर्व सांसद धनंजय सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी निरस्त, फिर थोड़ी ही देर में निरस्त, जानिए पूरा मामला
एक मामले में आरोपित पूर्व सांसद धनंजय सिंह के खिलाफ बुधवार को एसीजेएम तृतीय कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी हो गया। हालांकि थोड़ी ही देर बाद वो निरस्त हो गया। दरअसल वारंट पर गलत तिथि अंकित हो गई थी।
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जौनपुर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय ने कोतवाली थाना क्षेत्र के एक मामले में आरोपी पूर्व सांसद धनंजय सिंह के खिलाफ बुधवार को गिरफ्तारी वारंट जारी किया। यह सूचना सरकारी वकील मो. इमरान द्वारा प्रेस नोट के जरिए दी गई।
जारी होने के थोड़ी देर बाद धनंजय के अधिवक्ता ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया कि कंप्यूटर व पत्रावली में गलत तिथि अंकित होने की वजह से आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो गया। कोर्ट ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह के अधिवक्ता के दलील पर वारंट निरस्त कर अगली तिथि 24 मार्च को धनंजय को तलब किया है।
15 फरवरी 2017 को उड़नदस्ता टीम ए 367 विधानसभा मल्हनी उपचुनाव के समय पुलिस अधीक्षक जौनपुर अजय कुमार साहनी ने उस समय निषाद पार्टी के प्रत्याशी पूर्व सांसद धनंजय सिंह व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया था।
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जिसके मुताबिक उड़नदस्ता टीम ने धनंजय के काफिले की जांच की। जांच में पाया गया कि काफिले के साथ तीस चार पहिया वाहन तथा 50 से ऊपर दो पहिया वाहन साथ में चल रहे थे। समर्थकों द्वारा निषाद पार्टी की चिह्न लगी हुई टोपी धारण की गई थी। काफिले में मौजूद गाडि़यों व समर्थकों के कारण कलीचाबाद तिराहे पर जाम लग गया।
निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार तीन से अधिक चार पहिया वाहन प्रत्याशी के साथ लेकर चलने की अनुमति नहीं है। यह आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद कोर्ट में केस डायरी दाखिल हुई। बीच में पत्रावली एमपी एमएलए कोर्ट इलाहाबाद चली गई थी।
हाई कोर्ट के निर्देश पर वहां से वापस पत्रावली एसीजेएम तृतीय की अदालत में स्थानांतरित हुई। बुधवार को पत्रावली सरकारी वकील मोहम्मद इमरान ने पत्रावली पर ध्यान आकृष्ट कराया। आरोपी पूर्व सांसद धनंजय सिंह काफी समय से गैरहाजिर है।
कोर्ट द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। आरोपी के अधिवक्ता थोड़ी देर में ही सूचना मिलने पर कोर्ट में पहुंचे और प्रार्थना पत्र दिया कि कंप्यूटर लिस्ट के अनुसार पत्रावली में 24 फरवरी तिथि नियत थी, लेकिन भूलवश 23 फरवरी तिथि पत्रावली में दर्ज हो गई और गिरफ्तारी वारंट जारी हो गया।