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प्रार्थना पत्र दिया पर नहीं मिला किसी प्रवासी को लोन
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जौनपुर। रोजगार करने के इच्छ़ुक प्रवासी श्रमिकों को उद्योग विभाग अभी तक बैंक से लोन नहीं दिला पाया है, जबकि जिले में उद्योग विभाग में संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत रोजगार करने के लिए अभी तक कुल 191 प्रवासी श्रमिकों ने प्रार्थना पत्र भरा है, लेकिन उद्योग विभाग उनको रोजगार के लिए लोन नहीं दिलाया पाया है। अफसरों का कहना है कि उसकी प्रक्रिया चल रही है।
कोरोना महामारी के कारण लाक डाउन में मुंबई, महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली आदि में काम करने वाले प्रवासी श्रमिक घर वापस लौट आए है। इस दौरान जिले में तकरीबन तीन लाख प्रवासी श्रमिक आए हैं।वे बाहर न जाकर घर पर ही काम कर सके और उनका आर्थिक लाभ हो सके। इसके लिए सरकार की ओर से प्रवासी श्रमिकों को काम देने का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में रोजगार करने के इच्छ़ुक श्रमिकों को उद्योग विभाग में संचालित योजनाओं का लाभ दिया जाना है। जिसमें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्व रोजगार, एक जनपद एक उत्पाद और विश्वकर्मा श्रम सम्मान प्रमुख रुप से हैं। जिसके माध्यम से बैंकों से लोन दिलाकर रोजगार उपलब्ध कराने का कार्य किया जाना है। इस दौरान लगभग 191 प्रवासी श्रमिकों ने इन योजनाओं के तहत कर्ज के लिए आवेदन किया है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 27, मुख्यमंत्री युवा स्व रोजगार के तहत 21, एक जनपद एक उत्पाद के तहत 13 और विश्वकर्मा श्रम सम्मान के तहत 130 प्रवासी श्रमिक आवेदन किए हैं, लेकिन अभी तक एक भी प्रवासी श्रमिक को उद्योग विभाग बैंक से लोन नहीं दिला पाया है। जिससे आवेदन करने वाले प्रवासी श्रमिक बेकार पड़े हुए हैं।
- जिन प्रवासी श्रमिकों ने आवेदन पत्र भरा है। उनको अगस्त माह में रोजगार करने के लिए बैंक से लोन दिलाने का कार्य किया जाएगा। उनको दिलाने की प्रक्रिया चल रही है। प्रक्रिया पूरी होते ही उनको लोन दिला दिया जाएगा।-साहब सरन रावत, प्रभारी उपायुक्त उद्योग
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कोरोना महामारी के कारण लाक डाउन में मुंबई, महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली आदि में काम करने वाले प्रवासी श्रमिक घर वापस लौट आए है। इस दौरान जिले में तकरीबन तीन लाख प्रवासी श्रमिक आए हैं।वे बाहर न जाकर घर पर ही काम कर सके और उनका आर्थिक लाभ हो सके। इसके लिए सरकार की ओर से प्रवासी श्रमिकों को काम देने का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में रोजगार करने के इच्छ़ुक श्रमिकों को उद्योग विभाग में संचालित योजनाओं का लाभ दिया जाना है। जिसमें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्व रोजगार, एक जनपद एक उत्पाद और विश्वकर्मा श्रम सम्मान प्रमुख रुप से हैं। जिसके माध्यम से बैंकों से लोन दिलाकर रोजगार उपलब्ध कराने का कार्य किया जाना है। इस दौरान लगभग 191 प्रवासी श्रमिकों ने इन योजनाओं के तहत कर्ज के लिए आवेदन किया है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 27, मुख्यमंत्री युवा स्व रोजगार के तहत 21, एक जनपद एक उत्पाद के तहत 13 और विश्वकर्मा श्रम सम्मान के तहत 130 प्रवासी श्रमिक आवेदन किए हैं, लेकिन अभी तक एक भी प्रवासी श्रमिक को उद्योग विभाग बैंक से लोन नहीं दिला पाया है। जिससे आवेदन करने वाले प्रवासी श्रमिक बेकार पड़े हुए हैं।
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- जिन प्रवासी श्रमिकों ने आवेदन पत्र भरा है। उनको अगस्त माह में रोजगार करने के लिए बैंक से लोन दिलाने का कार्य किया जाएगा। उनको दिलाने की प्रक्रिया चल रही है। प्रक्रिया पूरी होते ही उनको लोन दिला दिया जाएगा।-साहब सरन रावत, प्रभारी उपायुक्त उद्योग
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