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गोपनीय आख्या मांगने से नाराज शिक्षकों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
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जौनपुर। शिक्षकों की गोपनीय आख्या मांगे जाने के निर्देश पर प्राथमिक शिक्षक संघ ने कड़ी नाराजगी जताई है। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री को संबोधित 22 सूत्री ज्ञापन डीएम को सौंपते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की।
जनपदीय अध्यक्ष व प्रांतीय संगठन मंत्री अमित सिंह के नेतृत्व में पहुंचे शिक्षकों ने इस निर्देश को पूरी तरह शिक्षक विरोधी करार दिया। अमित सिंह ने कहा कि विगत शिक्षकों की वेतन वृद्धि व पदोन्नति के लिए गोपनीय आख्या का यह आदेश पूर्ण रूप से अव्यवहारिक एवं शिक्षकों का शोषण करने वाला है। विभाग ने विद्यालय में कायाकल्प के तहत होने वाले कार्यों के लिए भी अंक तय कर उनका उल्लेख शिक्षकों की गोपनीय आख्या में करने की व्यवस्था की है, जो पूरी तरह नियम विरुद्ध व अनुचित है। कायाकल्प के कार्य स्थानीय प्रधानों व पंचायती राज विभाग के जरिए कराया जाता है। प्रांतीय इकाई ने बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश चंद्र द्विवेदी को पत्र भी दिया था, लेकिन विभाग से अभी तक इसे वापस नहीं लिया। शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष सुशील पांडेय के आह्वान के क्रम में इस काले कानून के विरोध और पुरानी पेंशन पदोन्नति, जनपद के अंदर स्थानांतरण, कैशलेस चिकित्सा, सुविधा, ईएल सुविधा समेत 22 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर मनीष सोमवंशी, अश्वनी सिंह, शैलेंद्र सिंह, अर्चना सिंह मंजू पांडेय, राजेश सिंह, दिनेश मौर्या, ज्योति सिंह, राजीव रत्नम तिवारी, राम सिंह राव, डॉ. अनुज, अतुल सिंह, मृत्युंजय सिंह, सरोज कुमार सिंह, सतीश पाठक, मुन्नालाल यादव, सुशील सिंह, डॉ. गिरीश, डॉ. शैलेश डॉ. दिनेश, विशाल सिंह, मुकेश दुबे, शशांक मिश्र, अमित मिश्रा, अमित चंदेल आदि उपस्थित रहे।
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जनपदीय अध्यक्ष व प्रांतीय संगठन मंत्री अमित सिंह के नेतृत्व में पहुंचे शिक्षकों ने इस निर्देश को पूरी तरह शिक्षक विरोधी करार दिया। अमित सिंह ने कहा कि विगत शिक्षकों की वेतन वृद्धि व पदोन्नति के लिए गोपनीय आख्या का यह आदेश पूर्ण रूप से अव्यवहारिक एवं शिक्षकों का शोषण करने वाला है। विभाग ने विद्यालय में कायाकल्प के तहत होने वाले कार्यों के लिए भी अंक तय कर उनका उल्लेख शिक्षकों की गोपनीय आख्या में करने की व्यवस्था की है, जो पूरी तरह नियम विरुद्ध व अनुचित है। कायाकल्प के कार्य स्थानीय प्रधानों व पंचायती राज विभाग के जरिए कराया जाता है। प्रांतीय इकाई ने बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश चंद्र द्विवेदी को पत्र भी दिया था, लेकिन विभाग से अभी तक इसे वापस नहीं लिया। शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष सुशील पांडेय के आह्वान के क्रम में इस काले कानून के विरोध और पुरानी पेंशन पदोन्नति, जनपद के अंदर स्थानांतरण, कैशलेस चिकित्सा, सुविधा, ईएल सुविधा समेत 22 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर मनीष सोमवंशी, अश्वनी सिंह, शैलेंद्र सिंह, अर्चना सिंह मंजू पांडेय, राजेश सिंह, दिनेश मौर्या, ज्योति सिंह, राजीव रत्नम तिवारी, राम सिंह राव, डॉ. अनुज, अतुल सिंह, मृत्युंजय सिंह, सरोज कुमार सिंह, सतीश पाठक, मुन्नालाल यादव, सुशील सिंह, डॉ. गिरीश, डॉ. शैलेश डॉ. दिनेश, विशाल सिंह, मुकेश दुबे, शशांक मिश्र, अमित मिश्रा, अमित चंदेल आदि उपस्थित रहे।
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