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Jaunpur News: जिले में हर दूसरे दिन मिला एक अज्ञात शव
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जिले में अज्ञात शव मिलने का सिलसिला जारी है। दिसंबर में कुल 15 अज्ञात शव मिले। नदी और नहरों और सड़कों-रेल लाइनों व अन्य स्थानों पर शव मिले। जनवरी के पहले सप्ताह में भी दो शव मिले।
इस प्रकार 35 दिन के भीतर ही जिले में 17 अज्ञात शव मिल गए। अज्ञात शवों को पुलिस जिला अस्पताल के शवगृह में रखकर पहचान कराने का प्रयास करती है। शिनाख्त न हो पाने पर शव का अंतिम संस्कार किया जाता है। कई शवों की पहचान भी नहीं हो पाती। उन्हें लावारिस घोषित कर पुलिस अंतिम संस्कार करवा देती है।
सरकारी आंकड़ों में पिछले माह मिले कुल 15 अज्ञात शवों में से केवल तीन की शिनाख्त हो पाई। जिले में अज्ञात शव कहां से आते हैं, यह एक पहेली बना हुआ है। शव मिलने पर कुछ समय तक क्षेत्र में चर्चा होती है। उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। पुलिस भी एक-दो दिन इंतजार करने के बाद शव का अंतिम संस्कार कराकर कागजी कोरम पूरा कर देती है। कुछ स्वयंसेवी संस्थाएं भी जिले में मिलने वाले अज्ञात शवों का दाह संस्कार कराती हैं।
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सभी के सहयोग से चंदा लगाकर गोमती नदी के रामघाट पर शवों का अंतिम संस्कार कराया जाता है। सीएमएस डाॅ. केके राय का कहना है कि जिन शवों की पहचान नहीं हो पाती है, उनका दाह संस्कार पुलिस कराती है।
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इस प्रकार 35 दिन के भीतर ही जिले में 17 अज्ञात शव मिल गए। अज्ञात शवों को पुलिस जिला अस्पताल के शवगृह में रखकर पहचान कराने का प्रयास करती है। शिनाख्त न हो पाने पर शव का अंतिम संस्कार किया जाता है। कई शवों की पहचान भी नहीं हो पाती। उन्हें लावारिस घोषित कर पुलिस अंतिम संस्कार करवा देती है।
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सरकारी आंकड़ों में पिछले माह मिले कुल 15 अज्ञात शवों में से केवल तीन की शिनाख्त हो पाई। जिले में अज्ञात शव कहां से आते हैं, यह एक पहेली बना हुआ है। शव मिलने पर कुछ समय तक क्षेत्र में चर्चा होती है। उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। पुलिस भी एक-दो दिन इंतजार करने के बाद शव का अंतिम संस्कार कराकर कागजी कोरम पूरा कर देती है। कुछ स्वयंसेवी संस्थाएं भी जिले में मिलने वाले अज्ञात शवों का दाह संस्कार कराती हैं।
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सभी के सहयोग से चंदा लगाकर गोमती नदी के रामघाट पर शवों का अंतिम संस्कार कराया जाता है। सीएमएस डाॅ. केके राय का कहना है कि जिन शवों की पहचान नहीं हो पाती है, उनका दाह संस्कार पुलिस कराती है।