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एंबुलेंस चालकों के हड़ताल से मरीजों की हुई फजीहत

Mon, 23 Sep 2019 11:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 23 Sep 2019 11:57 PM IST
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Ambulance drivers strike, patients suffer
08- रायख्वाजा क्षेत्र के जनता जनार्दन इंटर कॉलेज में अपनी मांगों को लेकर 108 व 102 स्वास्थ्य सेवाओं की ? - फोटो : JAUNPUR
चालकों की हड़ताल, एंबुलेंस रही खड़ी
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जनता जनार्दन इंटर कालेज में किया प्रदर्शन, मरीज हुए हलाकान
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। एंबुलेंस चालकों ने सोमवार को सेवा ठप कर दी। जनता जनार्दन इंटर कालेज जासोपुर चकिया में एंबुलेंस खड़ा करके प्रदर्शन किया। इससे मरीज हलाकान रहे। करीब एक हजार मरीज अस्पताल नहीं पहुंच सके। चालक वेतन बढ़ाने, हर साल वेतन वृद्धि देने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चालक यूनियन से सरकार वार्ता कर रही है। यदि वार्ता सफल रही तो वे काम पर लौटेंगे अन्यथा अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा रामजी पांडेय ने उनकी समस्या सुनी और समाधान का आश्वासन दिया।
सोमवार को जिले के सभी एंबुलेंस चालक अपने वाहन लेकर जनता जनार्दन इंटर कालेज परिसर में पहुंच गए। गा ड़ियों को खड़ी कर शासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान 70 से अधिक एंबुलेंस चालक मौजूद थे। चालकों का कहना है कि सभी को एक समान वेतन दिया जाए, चालकों के वेतन में वृद्दि की जाए, हर साल उन्हें इंक्रीमेंट दिया जाए, बाहर किए गाए चालकों को वापसा बुलाया जाए, पायलट प्रोजेक्ट को बंद कर उनको दिए जाने वाले कमीशन को उनके वेतन में जोड़कर दिया जाए। जिले में कुल 103 एंबुलेंस का संचालन हो रहा है। 108 और 102 नंबर की 50-50 एंबुलेंस का संचालन हो रहा हैं। जबकि तीन एंबुलेंस एडवांस लाइफ सपोर्ट की हैं। 108 नंबर एंबुलेंस का उपयोग इमरजेंसी सेवा के लिए किया जाता है। जबकि 102 का जननी शिशु सुरक्षा के लिए गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने और प्रशव के बाद उन्हें घर पहुंचाने के लिए किया जाता है। एंबुलेंस तो सरकारी हैं लेकिन उसके चालक और स्वास्थ्य तकनीकी सहायक की नियुक्ति जीवीकेईएमआरआई कंपनी के द्वारा किया गया है। 108 नंबर की हर एंबुलेंस से प्रतिदिन 4 से 5 मरीज और और 102 से 8 से 10 मरीज अस्पताल पहुंचाएं जाते हैं। इस प्रकार करीब एक हजार मरीज प्रतिदिन एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाए जाते हैं। सेवा बाधित होने से मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
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कोट---
एंबुलेंस चालक वेतन बढ़ाने समेत छह सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को एंबुलेंस का संचालन बंद कर दिए। जिससे मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। बड़ी संख्काया में मरीज अस्पताल नहीं पहुंच पाए। चालकों से बात की गई। उनका कहना है कि सरकार हमारे यूनियन के बीच वार्ता चल रही है। जो निर्देश होगा उसी हिसाब से एंबुलेंस का संचालन किया जाएगा।
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डा. रामजी पांडेय, सीएमओ
कोट---
जिले में कुल 103 एबुलेंस का संचालन हो रहा है। जिसमें 108 और 102 नंबर की 50-50 एबुलेंस और तीन एंबुलेंस एडवांस लाइफ सर्पोट की है। इनसे प्रतिदिन करीब एक हजार मरीज अस्पताल पहुंचाए जाते हैं। सोमवार को सेवा बंद होने के कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। चालक छह मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। एंबुलेंस सेवा के जिला प्रबंधक अविनाश पांडेय ने बताया कि उनसे बातचीत जारी है। नीतिन श्रीवास्तव, जिला प्रभारी एबुलेंस सेवा
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