जौनपुर। बार- बार हिदायत देने के बाद भी जिला अस्पताल के डाक्टर मरीजों को बाहर से दवा लिखने को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने शुक्रवार को सीएमएस को पत्र भेज कर निर्देश दिया है। जिसमें कहा है कि जिला अस्पताल में सभी दवाएं उपलब्ध हैं। डाक्टर अस्पताल की ही दवा लिखे। अगर कोई दवा नहीं है तो उसकी व्यवस्था सरकारी तौर पर किया जाए। ऐसा नहीं होने से संबंधित डाक्टरों के विरुद्घ कार्यवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने बीते बुधवार को अचनाक जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई मरीजों से बातचीत की । मरीजों ने बताया कि डाक्टर अस्पताल की दवा नहीं लिखते हैं। वे पर्चा पर बाहर की दवा लिखते हैं। जबकि इसके पहले कई बार जांच के दौरान मैने इसको लेकर हिदायत दी थी, लेकिन डाक्टर अपनी इस आदत से बाज नहीं आ रहे हैं। जबकि ऐसी कोई दवा नहीं है, जो अस्पताल में न हो। अगर अस्पताल में दवा न हो तो लखनऊ मेडिकल कार्पोरेशन को मांग पत्र भेजकर प्राप्त किया जाए। अस्पताल के बाहर मेडिकल स्टोरों को भी अस्पताल से पर्चा लेकर आने वाले मरीजों को दवा नहीं देने की चेतावनी दी जाए। ऐसा नहीं होने पर मेडिकल स्टोर व डाक्टर की मिली भगत मानते हुए कार्यवाई की जाएगी। मरीज की जान बचाने के लिए अगर कोई दवा अस्पताल में नहीं है तो स्वयं उसकी व्यवस्था सरकारी तौर पर कर मरीज को उपलब्ध कराया जाए।