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ढाई लाख से अधिक आबादी पर एक वेंटिलेटर

Wed, 05 May 2021 11:28 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 05 May 2021 11:28 PM IST
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A ventilator with more than two and a half million population
जौनपुर। कोरोना महामारी के इस दौर में बेड, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन और अन्य जीवन रक्षक दवाओं के लिए यूं ही हंगामा नहीं मचा है। 56 लाख की आबादी वाले इस जिले के पांच सरकारी और नौ निजी कोविड अस्पतालों में महज 300 कोविड बेड और 21 वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। इतनी बड़ी आबादी वाले जिले में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाएं ऊंट के मुंह में जीरा समान हैं। आबादी के अनुसार बेड और वेंटिलेटर का हिसाब लगाया जाए तो 18,666 लोगों पर एक कोविड बेड और 2,66,666 लोगों पर एक वेंटिलेटर है।
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मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय की रिपोर्ट पर नजर डालेंगे तो पता चलेगा कि जनपद में जिला अस्पताल, एमसीएच, ट्रामा सेंटर, सीएचसी रेहटी को एल टू अस्पताल बनाया गया है। जबकि नौ निजी अस्पतालों को भी कोविड अस्पताल बनाया गया है। सरकारी और गैर सरकारी सभी अस्पतालों को मिलाकर कुल तीन सौ कोविड बेड हैं। इन कोविड अस्पतालों में महज 21 वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। 21 वेंटिलेटर में 17 जिला अस्पताल और हौज स्थित ट्रामा सेंटर में 4 वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। जबकि जौनपुर शहर में करीब तीन लाख और ग्रामीण इलाकों की आबादी 52 लाख है। पिछले साल जब कोविड का संक्रमण बढ़ा तो गिने चुने अस्पताल ही कोविड के उपचार के लिए अधिकृत हुए थे। मौजूदा समय में पांच सरकारी और नौ निजी अस्पतालों को कोविड के उपचार के लिए लिया गया है। निजी अस्पतालों में उपलब्ध कुल बेड की संख्या के 50 फीसदी ही बेड कोविड में इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
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बेड के लिए तीन दिनों तक लगाते रहे चक्कर, मौत
जौनपुर। खुटहन विकास खंड के पटैला गांव की सहायक अध्यापिका कल्याणी अग्रहरि चुनाव ड्यूटी के बाद कोरोना से संक्रमित हुईं तो इलाज के अभाव में उनकी मौत हो गई। महज 25 वर्षीय कल्याणी की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें लेकर शाहगंज गए। जहां चिकित्सक ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में बेड न होने के कारण उन्हें दूसरे अस्पताल जाने को कहा गया। एक-एक कर वह शहर के सभी सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में बेड के लिए तीन दिन तक भटकते रहे, लेकिन कहीं बेड नहीं मिला। तीसरे दिन 24 अप्रैल को जिला अस्पताल में किसी तरह भर्ती हुई तो उपचार शुरू होते ही उनकी मौत हो गई।
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वर्जन
जिले के सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में कोविड मरीजों के उपचार के लिए कुल 300 बेड के इंतजाम किए गए हैं। बेड और अन्य संसाधनों को बढ़ाने का प्रयास चल रहा है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। - राकेश कुमार, सीएमओ
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