{"_id":"60-95558","slug":"Jaunpur-95558-60","type":"story","status":"publish","title_hn":"मूल्यांकन परिसर से हटाए गए शिक्षक नेता ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मूल्यांकन परिसर से हटाए गए शिक्षक नेता
Jaunpur
Updated Tue, 30 Apr 2013 05:30 AM IST
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जौनपुर। जिला प्रशासन की सख्ती के चलते सोमवार को मजिस्ट्रेट की निगरानी में सभी केंद्रों पर मूल्यांकन शुरू हो गया। कहीं परीक्षकों की संख्या दस थी तो कहीं बीस। टीडी इंटर कालेज केंद्र पर परीक्षकों की संख्या 40 तक पहुंच गई। मूल्यांकन केंद्र पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस तैनात रही। मूल्यांकन का बहिष्कार करने वाले शिक्षकों को कालेज परिसर से 200 मीटर बाहर कर दिया गया था। टीडी कालेज में एडीएम और बीआरपी में एसडीएम सदर की निगरानी में मूल्यांकन कार्य शुरू हुआ। आंदोलनकारी शिक्षकों को पहले ही मूल्यांकन केंद्र के दो सौ मीटर दूर तंबू कनात लगाने की चेतावनी दी गई थी। शिक्षक संघ के लोगों के पहुंचने से पहले ही प्रशासन ने परीक्षकों को मूल्यांकन केंद्र के भीतर दाखिल करा दिया। आज सभी केंद्रों पर मूल्यांकन शुरू हो गया। देर से आने वाले शिक्षकों को आंदोलनकारी शिक्षक पहले ही रोक ले रहे हैं। मूल्यांकन करने वाले शिक्षक आंदोलन कर रहे शिक्षकों से नजर बचाकर मूल्यांकन कार्य करते देखे गए। शिक्षक संघ के प्रदेश मंत्री रमेश सिंह और वित्तविहीन शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष छोटेलाल यादव के नेतृत्व में शिक्षकों ने सभी केंद्रों पर बाहर धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया। सुरक्षा की दृष्टि से एसपी सिटी, कोतवाल मूल्यांकन केंद्रों का भ्रमण करते रहे।
जिला प्रशासन की सख्ती के कारण सोमवार को मूल्यांकन केंद्रों पर अधिक संख्या में पहुंचे जरूर लेकिन मूल्यांकन कार्य से अलग रहे। जिला प्रशासन ने सुबह ही सभी केंद्रों पर सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात कर दिया था। मूल्यांकन का विरोध कर रहे शिक्षकों को परिसर में नहीं घुसने दिया गया। दबाव बनाकर जीजीआईसी के कुछ शिक्षकों को सभी केंद्रों पर लगाकर मूल्यांकन शुरू कराया गया। सभी केंद्रों पर एक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी।
मूल्यांकन कर रहे शिक्षक और विरोध करने वाले शिक्षकों के बीच झड़प भी हुई। शिक्षक संघ के प्रदेश मंत्री रमेश सिंह और वित्तविहीन शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष छोटेलाल यादव ने कहा कि जब तक संघ की मांग पूरी नहीं होती आंदोलन जारी रहेगा। शिक्षक आरपार की लड़ाई के लिए तैयार हैं। इस मौके पर अजय प्रकाश सिंह, इंद्रपाल सिंह, जय प्रकाश सिंह, हृदयनारायण उपाध्याय, शशि प्रकाश मिश्र, दिलीप सिंह, समर बहादुर, विजय बहादुर यादव, अरविंद, सुनील कुमार, दीना, अखिलेश, संतोष कुमार, राजेंद्र सिंह, नन्हेंलाल, शोभनाथ यादव, रीवंद्र मिश्र, अतुल सोलंकी, वित्तविहीन शिक्षक संघ के राजेश मिश्र, हरे राम यादव, विकास सिंह, लालचंद विश्वकर्मा, सुशील सिंह, शरद सिंह, हेमंत कुमार गुप्ता, मंगरूराम मौर्य, सुनील शुक्ल, शशिशेखर मिश्र, प्रकाश चंद पाल, विनय प्रकाश सिंह आदि मौजूद थे।
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मूल्यांकन कार्य सामान्य हो गया। नगर पालिका इंटर कालेज में 94 परीक्षक, जीजीआईसी में 76, राज कालेज में 70 परीक्षकों ने मूल्यांकन किया है। हड़ताली शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। करीब 40 शिक्षकों के प्रबंधकों को लिखा गया है कि अनुपस्थित रहने के दौरान इनके वेतन काटकर ही बिल भेजे। लेखाधिकारी को भी आंदोलन अवधि का वेतन काटने के आदेश दिए गए हैं। मूल्यांकन बाधित करने वाले शिक्षकों के इंक्रीमेंट घटाने के लिए भी प्रबंध समितियों को पत्र लिखे जा रहे हैं। लेखाधिकारी से कहा गया है कि आंदोलनकारी शिक्षकों के वेतन भुगतान में सावधानी बरतें। प्रबंध समितियों से संपर्क कर इन शिक्षकों के खिलाफ की गई कार्रवाई से अवगत होने के बाद ही वेतन भुगतान जारी करें। - भाष्कर मिश्र, जिला विद्यालय निरीक्षक।
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जिला प्रशासन की सख्ती के कारण सोमवार को मूल्यांकन केंद्रों पर अधिक संख्या में पहुंचे जरूर लेकिन मूल्यांकन कार्य से अलग रहे। जिला प्रशासन ने सुबह ही सभी केंद्रों पर सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात कर दिया था। मूल्यांकन का विरोध कर रहे शिक्षकों को परिसर में नहीं घुसने दिया गया। दबाव बनाकर जीजीआईसी के कुछ शिक्षकों को सभी केंद्रों पर लगाकर मूल्यांकन शुरू कराया गया। सभी केंद्रों पर एक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी।
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मूल्यांकन कर रहे शिक्षक और विरोध करने वाले शिक्षकों के बीच झड़प भी हुई। शिक्षक संघ के प्रदेश मंत्री रमेश सिंह और वित्तविहीन शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष छोटेलाल यादव ने कहा कि जब तक संघ की मांग पूरी नहीं होती आंदोलन जारी रहेगा। शिक्षक आरपार की लड़ाई के लिए तैयार हैं। इस मौके पर अजय प्रकाश सिंह, इंद्रपाल सिंह, जय प्रकाश सिंह, हृदयनारायण उपाध्याय, शशि प्रकाश मिश्र, दिलीप सिंह, समर बहादुर, विजय बहादुर यादव, अरविंद, सुनील कुमार, दीना, अखिलेश, संतोष कुमार, राजेंद्र सिंह, नन्हेंलाल, शोभनाथ यादव, रीवंद्र मिश्र, अतुल सोलंकी, वित्तविहीन शिक्षक संघ के राजेश मिश्र, हरे राम यादव, विकास सिंह, लालचंद विश्वकर्मा, सुशील सिंह, शरद सिंह, हेमंत कुमार गुप्ता, मंगरूराम मौर्य, सुनील शुक्ल, शशिशेखर मिश्र, प्रकाश चंद पाल, विनय प्रकाश सिंह आदि मौजूद थे।
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मूल्यांकन कार्य सामान्य हो गया। नगर पालिका इंटर कालेज में 94 परीक्षक, जीजीआईसी में 76, राज कालेज में 70 परीक्षकों ने मूल्यांकन किया है। हड़ताली शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। करीब 40 शिक्षकों के प्रबंधकों को लिखा गया है कि अनुपस्थित रहने के दौरान इनके वेतन काटकर ही बिल भेजे। लेखाधिकारी को भी आंदोलन अवधि का वेतन काटने के आदेश दिए गए हैं। मूल्यांकन बाधित करने वाले शिक्षकों के इंक्रीमेंट घटाने के लिए भी प्रबंध समितियों को पत्र लिखे जा रहे हैं। लेखाधिकारी से कहा गया है कि आंदोलनकारी शिक्षकों के वेतन भुगतान में सावधानी बरतें। प्रबंध समितियों से संपर्क कर इन शिक्षकों के खिलाफ की गई कार्रवाई से अवगत होने के बाद ही वेतन भुगतान जारी करें। - भाष्कर मिश्र, जिला विद्यालय निरीक्षक।