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वृद्ध की मौत पर हत्या का हल्ला
Jaunpur
Updated Wed, 02 May 2012 12:00 PM IST
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मीरगंज/जंघई। पहले पिता की हत्या का हल्ला मचाया फिर हार्ट अटैक से मौत बताई। पुलिस भी चक्करघिन्नी बनी रही। पहले हार्ट अटैक मान लौट आई फिर संदिग्ध मौत घोषित कर शव कब्जे में लेने पुलिस पहुंच गई। कुछ देर बाद पुलिस ने फिर रुख बदला। सामान्य मौत घोषित कर शव परिजनों को सौंप दिया। मामला मीरगंज थाना क्षेत्र के अलापुर गांव का है।
अलापुर निवासी रिटायर्ड रेलवेकर्मी बैजनाथ यादव (70) की मंगलवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। थानाध्यक्ष टीपी श्रीवास्तव के मुताबिक बैजनाथ यादव के पुत्र अधिवक्ता रामसुचित यादव ने फोन कर बताया कि उनके पिता को एक रिश्तेदार ने मार डाला है। आननफानन में हमराहियों के साथ वे मौके पर पहुंचे तो रामसुचित यादव कहने लगे कि बैजनाथ की हार्ट अटैक से मौत हुई है। सुबह उन्हें दिल का दौरा पड़ा। अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे कि उन्होंने दम तोड़ दिया। भूलवश उन्होंने पुलिस को गलत सूचना दे दी थी। तहरीर में भी अधिवक्ता ने हार्ट अटैैक से मौत होने की बात कही। पूछताछ के बाद घटना को सामान्य मान कर तहरीर लेकर पुलिस वापस लौट गई। कुछ देर बाद सिपाहियों के साथ थानाध्यक्ष फिर मौके पर पहुंचे और संदिग्ध मौत घोषित कर शव कब्जे में लेने का ऐलान किया। इसी बीच एक फोन आया और फिर थानेदार को पलटना पड़ा। थानेदार परिजनों की तहरीर का हवाला देकर सामान्य मौत बताकर लौट आए। थानाध्यक्ष टीपी श्रीवास्तव का कहना है कि राम सुचित ने फोन कर पिता की हत्या की सूचना दी थी। जब हम लोग मौके पर गए तो कहा कि गलती से हत्या की खबर दी गई थी। स्थिति सामान्य लगने पर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की जरूरत नहीं समझी गई।
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अलापुर निवासी रिटायर्ड रेलवेकर्मी बैजनाथ यादव (70) की मंगलवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। थानाध्यक्ष टीपी श्रीवास्तव के मुताबिक बैजनाथ यादव के पुत्र अधिवक्ता रामसुचित यादव ने फोन कर बताया कि उनके पिता को एक रिश्तेदार ने मार डाला है। आननफानन में हमराहियों के साथ वे मौके पर पहुंचे तो रामसुचित यादव कहने लगे कि बैजनाथ की हार्ट अटैक से मौत हुई है। सुबह उन्हें दिल का दौरा पड़ा। अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे कि उन्होंने दम तोड़ दिया। भूलवश उन्होंने पुलिस को गलत सूचना दे दी थी। तहरीर में भी अधिवक्ता ने हार्ट अटैैक से मौत होने की बात कही। पूछताछ के बाद घटना को सामान्य मान कर तहरीर लेकर पुलिस वापस लौट गई। कुछ देर बाद सिपाहियों के साथ थानाध्यक्ष फिर मौके पर पहुंचे और संदिग्ध मौत घोषित कर शव कब्जे में लेने का ऐलान किया। इसी बीच एक फोन आया और फिर थानेदार को पलटना पड़ा। थानेदार परिजनों की तहरीर का हवाला देकर सामान्य मौत बताकर लौट आए। थानाध्यक्ष टीपी श्रीवास्तव का कहना है कि राम सुचित ने फोन कर पिता की हत्या की सूचना दी थी। जब हम लोग मौके पर गए तो कहा कि गलती से हत्या की खबर दी गई थी। स्थिति सामान्य लगने पर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की जरूरत नहीं समझी गई।
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