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भारतीय समाज में महिलाओं की भूमिका अहम
Jaunpur
Updated Fri, 07 Mar 2014 05:31 AM IST
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जौनपुर। पूर्वांचल विश्वविद्यालय के एचआरडी विभाग के छात्रों की ओर से चलाए जा रहे अपराजिता महिला सप्ताह के अंतर्गत व्यक्तित्व विकास पर बल दिया गया। एचआरडी की टीम ने महिला सप्ताह के तीसरे दिन तपाक एक्सतेंपोर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि महिला और पुरुष एक सिक्के के दो पहलू हैं।
प्रतिभागियों ने महिला सशक्तिकरण, कन्या भ्रूणहत्या, आधुनिक युग में महिलाओं की स्थिति, महिला शिक्षा, स्वस्थ राजनीति में महिलाएं, महिलाओं की वर्तमान दशा और दिशा आदि पर विस्तार से प्रकाश डाला। डा. रसिकेश ने अपराजिता 2014 के विषय को प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि मां, पत्नी, बहन और साथी होकर नारी के चरित्र को जीना एक स्त्री को बखूबी आता है। उसके दायित्व को देखते हुए हमारा भारतीय समाज स्त्री की भूमिका को बहुत ही महत्वपूर्ण मानता है। डा. संगीता साहू ने कहा कि स्त्री और पुरुष एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। पुरुष और स्त्री की एक दूसरे पर निर्भरता करता है। विभाग की पूर्व छात्रा मोनिका गुप्ता ने कार्यक्रम कीे सराहना की। प्रतियोगिता में विकास यादव, पूजा चौरसिया, मेघा, रश्मि राय, अब्दुल्ला, प्रिया राज, जहरा अली बेग, शिखा, अर्चना और अभय प्रताप सिंह ने सक्रिय प्रतिभाग किया। अरुण विश्वकर्मा ने को-आर्डिनेटर और पूजा चौरसिया ने सचिव के रूप में सहयोग किया। अर्चना और प्रिया राय ने तपाक की थीम पर रंगोली बनाकर वाहवाही लूटी। कार्यक्रम के बाद इवेंट हेड अरुण विश्वकर्मा ने आभार जताया। प्रतियोगिता में सभी कोर टीम मेंबर शिखा, नेहा अरुण, रोमा, अर्चना, प्रिया, जहरा, अली, रश्मि राय, राम सकल आदि ने सहयोग किया। विभागाध्यक्ष डा. अविनाश पार्थीडकर ने मेंटर की भूमिका निभाई।
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प्रतिभागियों ने महिला सशक्तिकरण, कन्या भ्रूणहत्या, आधुनिक युग में महिलाओं की स्थिति, महिला शिक्षा, स्वस्थ राजनीति में महिलाएं, महिलाओं की वर्तमान दशा और दिशा आदि पर विस्तार से प्रकाश डाला। डा. रसिकेश ने अपराजिता 2014 के विषय को प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि मां, पत्नी, बहन और साथी होकर नारी के चरित्र को जीना एक स्त्री को बखूबी आता है। उसके दायित्व को देखते हुए हमारा भारतीय समाज स्त्री की भूमिका को बहुत ही महत्वपूर्ण मानता है। डा. संगीता साहू ने कहा कि स्त्री और पुरुष एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। पुरुष और स्त्री की एक दूसरे पर निर्भरता करता है। विभाग की पूर्व छात्रा मोनिका गुप्ता ने कार्यक्रम कीे सराहना की। प्रतियोगिता में विकास यादव, पूजा चौरसिया, मेघा, रश्मि राय, अब्दुल्ला, प्रिया राज, जहरा अली बेग, शिखा, अर्चना और अभय प्रताप सिंह ने सक्रिय प्रतिभाग किया। अरुण विश्वकर्मा ने को-आर्डिनेटर और पूजा चौरसिया ने सचिव के रूप में सहयोग किया। अर्चना और प्रिया राय ने तपाक की थीम पर रंगोली बनाकर वाहवाही लूटी। कार्यक्रम के बाद इवेंट हेड अरुण विश्वकर्मा ने आभार जताया। प्रतियोगिता में सभी कोर टीम मेंबर शिखा, नेहा अरुण, रोमा, अर्चना, प्रिया, जहरा, अली, रश्मि राय, राम सकल आदि ने सहयोग किया। विभागाध्यक्ष डा. अविनाश पार्थीडकर ने मेंटर की भूमिका निभाई।
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