{"_id":"629ba12e199b365a9928d20d","slug":"97-tons-of-garbage-being-dumped-daily-due-to-the-closure-of-the-garbage-disposal-plant-jaunpur-news-vns6572210190","type":"story","status":"publish","title_hn":"कूड़ा निस्तारण प्लांट बंद होने से रोजाना डंप हो रहा 97 टन कूड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कूड़ा निस्तारण प्लांट बंद होने से रोजाना डंप हो रहा 97 टन कूड़ा
विज्ञापन
कुल्हनामऊ स्थित कूड़ा निस्तारण केंद्र की फोटो। संवाद
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। नगरपालिका से निकलने वाले कूड़ों के निस्तारण के लिए 12.39 करोड़ में बनाया गया सालिड वेस्ट मैनेजेंट प्लांट दो माह से अधिक समय से बंद पड़ा है। दो माह से बिजली तक काट दी गई है। इससे इस समय यहां रोजाना 97 टन कूड़ा डंप हो रहा है, जिससे उठ रही दुर्गंध से आसपास के लोगों को परेशानी हो रही है।
साल 2011 में बसपा शासन काल में इस सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का शिलान्यास किया गया था। तकरीबन 11 एकड़ भूमि में यह सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट 12.39 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ। प्लांट का निर्माण कार्य वर्ष 2013 में शुरू हुआ। 18 मार्च 2021 को तत्कालीन नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन और राज्यमंत्री गिरीशचंद्र यादव ने इसका उद्घाटन किया था। इसके बाद प्लांट में रोजाना नगर से निकले वाले 97 टन कूड़ा को पहुंचवाया जा रहा है। जहां कार्यदायी संस्था ए टू जेड इन कूड़ों को निस्तारित करती थी। लेकिन दो माह से अधिक समय से यह प्लांट बंद हो गया। प्लांट पर तैनात सुरक्षाकर्मी मो. इस्लाम के मुताबिक दो माह से बिजली ही कट गई है। वह इसलिए तैनात है कि कहीं कूड़ा में आग न लगे। वहीं, ईओ नगरपालिका संतोष कुमार मिश्रा बताते हैं कि कार्यदायी संस्था एटूजेड का कहना है कि बिजली अर्बन क्षेत्र के हिसाब से चाहिए क्योंकि 4-5 घंटे ही आपूर्ति हो पाती थी और वह भी मशीन लोड नहीं ले पा रही थी। साथ ही कूड़ा निस्तारण के लिए मिलने वाला बजट भी महंगाई के हिसाब से कम था। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।
पांच नोटिस कार्यदायी संस्था एटूजेड को जारी की जा चुकी है। साथ शासन को अवगत करा दिया गया है। अगर कार्यदायी
संस्था द्वारा कोई प्रगति नहीं दिखाई जाती है तो उन्हें ब्लैकलिस्ट करते हुए दूसरी कार्यदायी संस्था नामित की जाएगी। - हिमांशु नागपाल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट
विज्ञापन
साल 2011 में बसपा शासन काल में इस सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का शिलान्यास किया गया था। तकरीबन 11 एकड़ भूमि में यह सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट 12.39 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ। प्लांट का निर्माण कार्य वर्ष 2013 में शुरू हुआ। 18 मार्च 2021 को तत्कालीन नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन और राज्यमंत्री गिरीशचंद्र यादव ने इसका उद्घाटन किया था। इसके बाद प्लांट में रोजाना नगर से निकले वाले 97 टन कूड़ा को पहुंचवाया जा रहा है। जहां कार्यदायी संस्था ए टू जेड इन कूड़ों को निस्तारित करती थी। लेकिन दो माह से अधिक समय से यह प्लांट बंद हो गया। प्लांट पर तैनात सुरक्षाकर्मी मो. इस्लाम के मुताबिक दो माह से बिजली ही कट गई है। वह इसलिए तैनात है कि कहीं कूड़ा में आग न लगे। वहीं, ईओ नगरपालिका संतोष कुमार मिश्रा बताते हैं कि कार्यदायी संस्था एटूजेड का कहना है कि बिजली अर्बन क्षेत्र के हिसाब से चाहिए क्योंकि 4-5 घंटे ही आपूर्ति हो पाती थी और वह भी मशीन लोड नहीं ले पा रही थी। साथ ही कूड़ा निस्तारण के लिए मिलने वाला बजट भी महंगाई के हिसाब से कम था। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।
विज्ञापन
पांच नोटिस कार्यदायी संस्था एटूजेड को जारी की जा चुकी है। साथ शासन को अवगत करा दिया गया है। अगर कार्यदायी
संस्था द्वारा कोई प्रगति नहीं दिखाई जाती है तो उन्हें ब्लैकलिस्ट करते हुए दूसरी कार्यदायी संस्था नामित की जाएगी। - हिमांशु नागपाल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट