{"_id":"64e5084af730d450ae06f074","slug":"96-houses-will-be-built-for-the-constables-jaunpur-news-c-193-1-jon1001-4251-2023-08-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jaunpur News: आरक्षियों के लिए बनेंगे 96 आवास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jaunpur News: आरक्षियों के लिए बनेंगे 96 आवास
विज्ञापन
जिले में आरक्षियों व उनके परिवारों को रहने के लिए काफी समस्या होती हैं। इसको लेकर पुलिस लाइन परिसर में 96 आवास बनवाया जा रहा है। यह कार्य 26 करोड़ की लागत से होगा। कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी भवन खंड वाराणसी की तरफ से टेंडर कराया जा रहा है। सिंगल बिड पड़ने के कारण दोबारा टेंडर आमंत्रित किया गया है।
टू-बीएचके फ्लैट बनाया जाना है, इसमें दो कमरे, किचन, लैट्रिन, बाथरूम व लॉबी होगी। इसमें दो टॉवर बनाया जाना है, एक टॉवर में 48 फ्लैट बनाया जाएगा। यह करीब पांच से छह बिस्वा में बनाया जाएगा। इसके लिए टेंडर पूर्व में कराया गया था। पहले पांच अगस्त तक टेंडर आमंत्रित किया गया था। इसमें केवल एक ठेकेदार ने टेंडर डाला था। सिंगल बिड पड़ने के कारण पूरी टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर दी गई।
दोबारा टेंडर आमंत्रित किया गया है। जिसको 16 सितंबर को खोला जाएगा। इसमें मिट्टी की जांच भी हो चुकी है। विभाग का दावा है कि बजट पर्याप्त है टेंडर पूरा होने के बाद निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। जिससे कार्य सात से आठ महीने में पूरा हो सके। जिले में करीब 1500 आरक्षियों की तैनाती होगी तो पुलिस लाइन में 30 से 40 आवास गिनती के पुलिस वालों को ही आवास उपलब्ध है। थानों की बात की जाए तो केवल शहर कोतवाली, जफराबाद में ही आरक्षियों के लिए आवास मिला हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
टू-बीएचके फ्लैट बनाया जाना है, इसमें दो कमरे, किचन, लैट्रिन, बाथरूम व लॉबी होगी। इसमें दो टॉवर बनाया जाना है, एक टॉवर में 48 फ्लैट बनाया जाएगा। यह करीब पांच से छह बिस्वा में बनाया जाएगा। इसके लिए टेंडर पूर्व में कराया गया था। पहले पांच अगस्त तक टेंडर आमंत्रित किया गया था। इसमें केवल एक ठेकेदार ने टेंडर डाला था। सिंगल बिड पड़ने के कारण पूरी टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर दी गई।
विज्ञापन
दोबारा टेंडर आमंत्रित किया गया है। जिसको 16 सितंबर को खोला जाएगा। इसमें मिट्टी की जांच भी हो चुकी है। विभाग का दावा है कि बजट पर्याप्त है टेंडर पूरा होने के बाद निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। जिससे कार्य सात से आठ महीने में पूरा हो सके। जिले में करीब 1500 आरक्षियों की तैनाती होगी तो पुलिस लाइन में 30 से 40 आवास गिनती के पुलिस वालों को ही आवास उपलब्ध है। थानों की बात की जाए तो केवल शहर कोतवाली, जफराबाद में ही आरक्षियों के लिए आवास मिला हैं।
विज्ञापन