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ट्रेंचलेस विधि से नगर में बिछाई जा रही छह किमी पाइप लाइन 15-41-19
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जौनपुर। अमृत योजना के तहत नगर क्षेत्र में सीवर लाइन का कार्य कराया जा रहा है। पाइप लाइन बिछाने की गति धीमी होने के कारण नगरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कार्यदायी संस्था जल निगम के अनुसार, अति व्यस्त प्रमुख मार्गों पर काम जल्द निबटाने के लिए ट्रेंचलेस विधि का प्रयोग किया जा रहा है, ताकि यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो सके। इसमें आम सीवर पाइप लाइन से चार गुना ज्यादा खर्च आता है।
इसमें सड़क को विशेष मशीन से ड्रिल कर खोदा जाता है। यह 10 से 15 मीटर की दूरी तक जमीन को खोदता है। इसके बाद एमएस पाइप को अंदर डाला जाता है। यह आरसीसी के जरिए आसानी से अंदर चला जाता है। इसमें 15 हजार रुपये रनिंग मीटर खर्च आता है, जबकि आम पाइप लाइन में 3500 से चार हजार रुपये लगता है।
नगर के एक्सिस बैंक-मियांपुर मार्ग के बीच में 200 मीटर, लाइन बाजार में 200 मीटर, टीडी रोड पर पुलिस अधीक्षक आवास तक, वाराणसी व शाहगंज वाले रोड पर करीब छह किमी कार्य कराया गया।
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अमृत योजना के तहत वर्ष 2019 से नगरीय क्षेत्र में 159 किमी पाइप लाइन बिछाई जा रही है, इसमें 55 किमी काम पूरा हो चुका है। इस परियोजना में अब तक 113 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। अब तक 42 फीसदी ही कार्य कराया जा सका है। नमामि गंगे के तहत गहरी सीवर पाइप लाइन में सात किमी में अधिकतर काम पूरे बताए जा रहे हैं। हालांकि रासमंडल से किला रोड का कार्य अधूरा है, इधर से निकलना लोगों के लिए चुनौती है।
अमृत योजना के तहत सीवर पाइप लाइन का कार्य तेजी से चल रहा है। अभी 42 फीसदी कार्य हुआ है। ट्रेंचलेस विधि का इस्तेमाल कर अति व्यस्ततम इलाके में काम कराया जा रहा है। इसका खर्च सामान्य की तुलना में चार गुना महंगा है। सचिन सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम।
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इसमें सड़क को विशेष मशीन से ड्रिल कर खोदा जाता है। यह 10 से 15 मीटर की दूरी तक जमीन को खोदता है। इसके बाद एमएस पाइप को अंदर डाला जाता है। यह आरसीसी के जरिए आसानी से अंदर चला जाता है। इसमें 15 हजार रुपये रनिंग मीटर खर्च आता है, जबकि आम पाइप लाइन में 3500 से चार हजार रुपये लगता है।
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नगर के एक्सिस बैंक-मियांपुर मार्ग के बीच में 200 मीटर, लाइन बाजार में 200 मीटर, टीडी रोड पर पुलिस अधीक्षक आवास तक, वाराणसी व शाहगंज वाले रोड पर करीब छह किमी कार्य कराया गया।
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अमृत योजना के तहत वर्ष 2019 से नगरीय क्षेत्र में 159 किमी पाइप लाइन बिछाई जा रही है, इसमें 55 किमी काम पूरा हो चुका है। इस परियोजना में अब तक 113 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। अब तक 42 फीसदी ही कार्य कराया जा सका है। नमामि गंगे के तहत गहरी सीवर पाइप लाइन में सात किमी में अधिकतर काम पूरे बताए जा रहे हैं। हालांकि रासमंडल से किला रोड का कार्य अधूरा है, इधर से निकलना लोगों के लिए चुनौती है।
अमृत योजना के तहत सीवर पाइप लाइन का कार्य तेजी से चल रहा है। अभी 42 फीसदी कार्य हुआ है। ट्रेंचलेस विधि का इस्तेमाल कर अति व्यस्ततम इलाके में काम कराया जा रहा है। इसका खर्च सामान्य की तुलना में चार गुना महंगा है। सचिन सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम।