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चालीस फीसदी एंबुलेंस में नहीं है ऑक्सीजन
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जौनपुर। ऑक्सीजन की किल्लत सिर्फ अस्पतालों में ही नहीं है। एंबुलेंस भी ऑक्सीजन की समस्या से जूझ रहे हैं। जिले में संचालित करीब 40 फीसदी एंबुलेंस ऐसे हैं, जिनमें ऑक्सीजन नदारद है। ऐसे में जब लोग उनके नंबरों पर फोन करते हैं तो वह भी मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में असमर्थता जता रहे हैं। इमरजेंसी सेवा के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर वाले एंबुलेंस के खाली होने का इंतजार करना पड़ रहा है।
मरीजों के इमरजेंसी सेवा उपलब्ध कराने के लिए जिले में 108 नंबर की 50 एंबुलेंस का संचालन हो रहा है। इससे में 30 एंबुलेंस में ही ऑक्सीजन उपलब्ध हैं। ऐसे में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में काफी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। इमरजेंसी मरीजों को उठाने के लिए ऐसे एंबुलेंस के खाली होने का इंतजार करना पड़ रहा है, जिसमें ऑक्सीजन उपलब्ध हैं। ऑक्सीजन नहीं मिलने से केवल सामान्य मरीजों को ही एंबुलेंस अस्पताल पहुंचा पा रहे हैं। हालात यह है कि ऑक्सीजन के लिए एंबुलेंस चालकों को कई बार चंदौली का चक्कर लगाना पड़ रहा है। बावजूद उन्हें ऑक्सीजन नहीं मिल पा रहा है। कोरोना के बढ़ते मरीजों के कारण अस्पताल में बेड खाली नहीं हैं। इससे दिक्कतों का सामना एंबुलेंस कर्मियों को भी करना पड़ रहा है। गंभीर मरीजों के लिए ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता जरूरी है। रात के समय मरीज को भर्ती कराने के लिए ज्यादा दिक्कत हो रही है।
जिले में 108 नंबर के 50 एंबुलेंस का संचालन हो रहा है। इसमें से 20 एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलिंडर खाली है। इससे मरीजों को उठाने में काफी दिक्कत हो रही है। ऑक्सीजन के लिए गाड़ी पंडित दीनदयाल नगर भेजा था। कुछ सिलिंडर मिला था। उसी से काम चलाया जा रहा है। कंपनी से निर्देश मिला है कि जहां भी ऑक्सीजन मिले, व्यवस्था करा लें। -मनोज कुमार यादव, महामंत्री जीवन दायिनी सेवा।
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मरीजों के इमरजेंसी सेवा उपलब्ध कराने के लिए जिले में 108 नंबर की 50 एंबुलेंस का संचालन हो रहा है। इससे में 30 एंबुलेंस में ही ऑक्सीजन उपलब्ध हैं। ऐसे में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में काफी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। इमरजेंसी मरीजों को उठाने के लिए ऐसे एंबुलेंस के खाली होने का इंतजार करना पड़ रहा है, जिसमें ऑक्सीजन उपलब्ध हैं। ऑक्सीजन नहीं मिलने से केवल सामान्य मरीजों को ही एंबुलेंस अस्पताल पहुंचा पा रहे हैं। हालात यह है कि ऑक्सीजन के लिए एंबुलेंस चालकों को कई बार चंदौली का चक्कर लगाना पड़ रहा है। बावजूद उन्हें ऑक्सीजन नहीं मिल पा रहा है। कोरोना के बढ़ते मरीजों के कारण अस्पताल में बेड खाली नहीं हैं। इससे दिक्कतों का सामना एंबुलेंस कर्मियों को भी करना पड़ रहा है। गंभीर मरीजों के लिए ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता जरूरी है। रात के समय मरीज को भर्ती कराने के लिए ज्यादा दिक्कत हो रही है।
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जिले में 108 नंबर के 50 एंबुलेंस का संचालन हो रहा है। इसमें से 20 एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलिंडर खाली है। इससे मरीजों को उठाने में काफी दिक्कत हो रही है। ऑक्सीजन के लिए गाड़ी पंडित दीनदयाल नगर भेजा था। कुछ सिलिंडर मिला था। उसी से काम चलाया जा रहा है। कंपनी से निर्देश मिला है कि जहां भी ऑक्सीजन मिले, व्यवस्था करा लें। -मनोज कुमार यादव, महामंत्री जीवन दायिनी सेवा।
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