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मुआवजे की आस में 4.84 लाख किसान
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Tue, 19 Jul 2016 12:59 AM IST
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पिछले वर्ष ओलावृष्टि से नुकसान हुए रबी के फसलों का मुआवजा अभी तक लाखों किसानों को नहीं मिल पाया है। किसान अभी मुआवजा मिलने की आस लगाए बैठे हुए हैं। जबकि इसमें कई ऐसे किसान हैं जो केसीसी और अन्य माध्यमों से कर्ज लेकर गेहूं की खेती किए थे। अभी तक मात्र दो लाख 38 हजार 51 किसानों को मुआवजा दिया गया है।
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अभी भी चार लाख 84 हजार 425 को मुआवजा नहीं मिलाा है। पिछले वर्ष गेहूं की फसल पक कर खेतों में तैयार थी। किसान गेहूं के फसल की जब तक कटाई करते। तब तक अचानक ओलावूष्टि व बारिश हो गई थी। जिससे गेहूं की फसल चौपट हो गई थी।
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फसल चौपट होने के साथ ही किसानों की कमर टूट गई थी। इसके बाद सरकार ने किसानों के आसू पोछने के लिए मुआवजा देने का एलान किया। फसलों के क्षति का आकलन कर किसान को मुआवजा देने का निर्देश भी दिया गया। जिसके क्रम में लेखपाल घर-घर जाकर फसलों के क्षति का आकलन करते हुए मुआवजा के लिए किसानों का चयन किया था।
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इस दौरान पूरे जनपद में सात लाख 22 हजार 776किसानों का चयन किया गया था। लेकिन अभी तक दो लाख 38 हजार 51 किसानों को ही फालों का मुआवजा दिया जा चुका है। अभी भी चार लाख 84 हजार 425 किसान मुआवजा नहीं पा सके हैं।