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- नाटक के जरिए स्वच्छता के प्रति किया जागरूक
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महराजगंज। दूषित जल के सेवन से हैजा, कालरा, अतिसार, डायरिया, पीलिया जैसी बीमारियां हो सकती है। दूषित आर्सेनिक युक्त जल से त्वचा में संक्रमण हाथों एवं तलवों में घाव हो जाता है। वही फ्लोराइडयुक्त दूषित जल के सेवन से दांतों में सड़न के साथ साथ हड्डियों पर भी इसका दुष्प्रभाव दिखाई पड़ता है। उक्त बातें प्रशिक्षक अशोक तिवारी ने कहीं।
वह बुधवार को स्वच्छता जागरूकता अभियान के तहत चल रहे कार्यक्रम के दौरान जानकारी दे रहे थे। अभियान में टीम द्वारा नुक्कड़ नाटक एवं संगीत के द्वारा लोगों को स्वच्छता एवं शौचालय के प्रयोग के प्रति जागरूक किया गया।विकास खंड कार्यालय से स्वच्छता अभियान टीम की प्रमुख मांडवी सिंह व भाजपा नेता विनय सिंह ने एलईडी वैन को झंडी दिखाकर रवाना किया।
प्रशिक्षक ने कहा कि इंडिया मार्क हैंड पंप का प्रयोग पेयजल के लिए करना चाहिए। हैंडपंप के चबूतरे को साफ एवं स्वच्छ रखने के साथ पेयजल स्रोत से शौचालय की दूरी कम से कम 30 फीट रखनी चाहिए। शौचालय से लौटने के बाद साबुन से हाथ धोए। प्रतिदिन नाली की सफाई करें, पेयजल स्रोतों के पास जैविक प्रदूषण जल इकट्ठा न होने दे। इस मौके पर एडीओ पंचायत राजेश कुमार, एडीओ कोऑपरेटिव संजय, प्रधान संघ अध्यक्ष लालमनि, विकास यादव, आकाश सिंह आदि मौजूद रहे।
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वह बुधवार को स्वच्छता जागरूकता अभियान के तहत चल रहे कार्यक्रम के दौरान जानकारी दे रहे थे। अभियान में टीम द्वारा नुक्कड़ नाटक एवं संगीत के द्वारा लोगों को स्वच्छता एवं शौचालय के प्रयोग के प्रति जागरूक किया गया।विकास खंड कार्यालय से स्वच्छता अभियान टीम की प्रमुख मांडवी सिंह व भाजपा नेता विनय सिंह ने एलईडी वैन को झंडी दिखाकर रवाना किया।
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प्रशिक्षक ने कहा कि इंडिया मार्क हैंड पंप का प्रयोग पेयजल के लिए करना चाहिए। हैंडपंप के चबूतरे को साफ एवं स्वच्छ रखने के साथ पेयजल स्रोत से शौचालय की दूरी कम से कम 30 फीट रखनी चाहिए। शौचालय से लौटने के बाद साबुन से हाथ धोए। प्रतिदिन नाली की सफाई करें, पेयजल स्रोतों के पास जैविक प्रदूषण जल इकट्ठा न होने दे। इस मौके पर एडीओ पंचायत राजेश कुमार, एडीओ कोऑपरेटिव संजय, प्रधान संघ अध्यक्ष लालमनि, विकास यादव, आकाश सिंह आदि मौजूद रहे।
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