{"_id":"5c51effcbdec2256ab4e5edb","slug":"201548873724-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ळ.ऐसे तो स्वच्छता सवे़क्षण की रेटिंग में फेल हो जाएगा शहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ळ.ऐसे तो स्वच्छता सवे़क्षण की रेटिंग में फेल हो जाएगा शहर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जौनपुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत इस साल का स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू हो चुका है। भारत सरकार से स्वच्छता सर्वेक्षण टीम जिले में भ्रमण कर रही है। सफाई देख रही है और लोगों से संवाद कर रही है। नगर पालिका की वेबसाइट पर अपलोड विवरण की पड़ताल की जा रही है। इसके बावजूद नगर पालिका ने अपनी कार्यशैली में बदलाव नहीं किया गया है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। ऐसे में आशंका है कि कहीं नगर स्वच्छता के मामले में फिसड्डी न साबित हो जाए।
जिले में तीन नगरपालिकाएं और छह नगर पंचायतें है। वर्ष 2017 में 500 शहरों में जौनपुर नगरपालिका को 34 वां स्थान मिला था। मगर रैकिंग फिसलती गई। वर्ष 2018 में 368 वां स्थान प्राप्त हो सका। जौनपुर, मुंगराबादहशापुर, शाहगंज नगर पालिकाएं हैं और बदलापुर, मड़ियाहूं, मछलीशहर, केराकत, जफराबाद, खेतासराय में नगर पंचायतें। स्वच्छता टीम इनका सर्वे कर रही है। कहीं भी सफाई का मुकम्मल इंतजाम नहीं है और कचरा निस्तारण का कोई प्रबंध भी नहीं है। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट नहीं बना है, जिसके चलते कचरे का प्रबंधन नहीं हो रहा है। उसे कुल्हनामऊ में डंप किया जाता है और जब कचरा ज्यादा हो जाता है तो उसमें चुपके से आग लगा दी जाती है। सभी नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। नालियां बजबजा रही है। दोपहर तक नगर पालिका की गाडिय़ां कूड़े का उठान करती रहती हैं। शौचालयों की व्यवस्था ठीक नहीं है । पूरे जिले में 300 टन से अधिक का कूड़ा निकलता है। जौनपुर शहर के 39 में 33 वार्डों में डोर टू डोर कुड़े की उठान शुरू होने के बावजूद भी सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हो सका है।
इनसेट
इन बिंदुओं पर हो रही रैंकिंग
- सामुदायिक शौचालयों की संख्या, ओडीएफ का हाल, कितने घरों में शौचालय है।
- स्वच्छता को लेकर शहर के लोगों में जागरूकता की स्थिति क्या है।
- डोर टू डोर कूड़ा उठान की स्थिति, कचरा निस्तारण के प्रबंध का हाल।
- सफाई के इंतजाम, उपकरण एवं सफाई कर्मचारियों की संख्या
- सीवर एवं ड्रेनेज की स्थिति, बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण के इंतजाम का हाल।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता सर्वेक्षण प्रारंभ हो गया है। सर्वेक्षण टीम पूरा ब्यौरा साइट पर अपलोड करेंगी। पूरी व्यवस्था टीम के सदस्य अपनी आंखों से देंख रहें है। लोगों से मेरी अपील है कि शहर को स्वच्छ बनाने में अपना पूरा सहयोग करें। बिना लोगों के सहभागिता के स्वच्छता का सपना साकार नहीं होगा।-गिरीशचंद्र यादव, नगर विकास राज्यमंत्री
विज्ञापन
स्वच्छता के लिए अपने पुरे संसाधनों को झोंक दिया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत अच्छा रैकिंग लाएं जाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। 39 वार्डो में से 33 वार्डो में कुड़ा उठान की व्यवस्था डोर टू डोर प्रारंभ कराई गई है।-कृष्णचंद्र, अधिशासी अभियंता
जिले में तीन नगरपालिकाएं और छह नगर पंचायतें है। वर्ष 2017 में 500 शहरों में जौनपुर नगरपालिका को 34 वां स्थान मिला था। मगर रैकिंग फिसलती गई। वर्ष 2018 में 368 वां स्थान प्राप्त हो सका। जौनपुर, मुंगराबादहशापुर, शाहगंज नगर पालिकाएं हैं और बदलापुर, मड़ियाहूं, मछलीशहर, केराकत, जफराबाद, खेतासराय में नगर पंचायतें। स्वच्छता टीम इनका सर्वे कर रही है। कहीं भी सफाई का मुकम्मल इंतजाम नहीं है और कचरा निस्तारण का कोई प्रबंध भी नहीं है। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट नहीं बना है, जिसके चलते कचरे का प्रबंधन नहीं हो रहा है। उसे कुल्हनामऊ में डंप किया जाता है और जब कचरा ज्यादा हो जाता है तो उसमें चुपके से आग लगा दी जाती है। सभी नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। नालियां बजबजा रही है। दोपहर तक नगर पालिका की गाडिय़ां कूड़े का उठान करती रहती हैं। शौचालयों की व्यवस्था ठीक नहीं है । पूरे जिले में 300 टन से अधिक का कूड़ा निकलता है। जौनपुर शहर के 39 में 33 वार्डों में डोर टू डोर कुड़े की उठान शुरू होने के बावजूद भी सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हो सका है।
विज्ञापन
इनसेट
इन बिंदुओं पर हो रही रैंकिंग
- सामुदायिक शौचालयों की संख्या, ओडीएफ का हाल, कितने घरों में शौचालय है।
- स्वच्छता को लेकर शहर के लोगों में जागरूकता की स्थिति क्या है।
- डोर टू डोर कूड़ा उठान की स्थिति, कचरा निस्तारण के प्रबंध का हाल।
- सफाई के इंतजाम, उपकरण एवं सफाई कर्मचारियों की संख्या
- सीवर एवं ड्रेनेज की स्थिति, बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण के इंतजाम का हाल।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता सर्वेक्षण प्रारंभ हो गया है। सर्वेक्षण टीम पूरा ब्यौरा साइट पर अपलोड करेंगी। पूरी व्यवस्था टीम के सदस्य अपनी आंखों से देंख रहें है। लोगों से मेरी अपील है कि शहर को स्वच्छ बनाने में अपना पूरा सहयोग करें। बिना लोगों के सहभागिता के स्वच्छता का सपना साकार नहीं होगा।-गिरीशचंद्र यादव, नगर विकास राज्यमंत्री
विज्ञापन
स्वच्छता के लिए अपने पुरे संसाधनों को झोंक दिया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत अच्छा रैकिंग लाएं जाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। 39 वार्डो में से 33 वार्डो में कुड़ा उठान की व्यवस्था डोर टू डोर प्रारंभ कराई गई है।-कृष्णचंद्र, अधिशासी अभियंता