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बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर बुलंद की आवाज
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जौनपुर। बैंक आफ बड़ौदा, देना बैंक और विजया बैंक को विलय के लिए सरकार के फैसले के विरोध में बुधवार को जिले भर के बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर आंदोलित बैंक कर्मचारियों ने यूबीआई की क्षेत्रीय कार्यालय पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। बैंकों की हड़ताल से यूबीआई, एसबीआई समेत विभिन्न बैंकों की कुल 302 शाखाओं के ताले नहीं खुले जिससे जमा- निकासी, आरटीजीएस और समाशोधन समेत कुल 215 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। आंदोलित बैंक कर्मचारियों ने कहा कि सरकार छोटे बैंकों को बिलय कर बड़ा बैंक बनाकर जनता का पैसा बड़े उद्योग घरानों को ऋण के तौर पर देकर सरकारी बैंकों को डुबोना चाहती है।
यूबीआई के क्षेत्रीय कार्यालय के पास आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान यूपी बैंक इम्प्लाइज यूनियन के मंत्री आरपी सिंह ने कहा कि देश में बैंकों का विलय अवांछित है। यह भारत की अर्थ व्यवस्था और बड़े पैमाने पर लोगों के लिए लाभप्रद नहीं है। यूपी बैंक इम्प्लाइज बैंक के अध्यक्ष एसएन जायसवाल ने कहा कि एक तरफ सरकार नए प्राइवेट बैंक खोलने के लिए लाइसेंस जारी कर रही तो दूसरी तरफ बैंकों का विलय कर रही है। इससे देश का तीसरा बड़ा बैंक बनाकर सरकार जनता के पैसे को उद्योग घरानों को ऋण के तौर पर देनकर सरकारी बैंकों को डुबोना चाहती है। दुष्यंत कुमार, इंदर, वीपी श्रीवास्तव, ऋषि देव मौर्य, अंकित सिंह, कमलेश मिश्र, रमन सिंह, आशीष श्रीवास्तव, कृष्णा यादव, संजय पांडेय, पन्नालाल, मनीष, आलोक कुमार, अशोक शुक्ल ने भी संबोधित किया। लीड बैंक प्रबंधक उदय नारायण ने बताया कि यूबीआई की 102, एसबीआई की 42, पीएनबी की 12 शाखाओं समेत विभिन्न बैंकों की कुल 203 शाखाएं बंद रही। बैंकों की हड़ताल के चलते समाशोधन के माध्यम से 35 करोड़, आरटीजीएस और निफ्ट के जरिए 80 करोड़ और नकद जमा व नकद निकासी के माध्यम से 100 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ।
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यूबीआई के क्षेत्रीय कार्यालय के पास आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान यूपी बैंक इम्प्लाइज यूनियन के मंत्री आरपी सिंह ने कहा कि देश में बैंकों का विलय अवांछित है। यह भारत की अर्थ व्यवस्था और बड़े पैमाने पर लोगों के लिए लाभप्रद नहीं है। यूपी बैंक इम्प्लाइज बैंक के अध्यक्ष एसएन जायसवाल ने कहा कि एक तरफ सरकार नए प्राइवेट बैंक खोलने के लिए लाइसेंस जारी कर रही तो दूसरी तरफ बैंकों का विलय कर रही है। इससे देश का तीसरा बड़ा बैंक बनाकर सरकार जनता के पैसे को उद्योग घरानों को ऋण के तौर पर देनकर सरकारी बैंकों को डुबोना चाहती है। दुष्यंत कुमार, इंदर, वीपी श्रीवास्तव, ऋषि देव मौर्य, अंकित सिंह, कमलेश मिश्र, रमन सिंह, आशीष श्रीवास्तव, कृष्णा यादव, संजय पांडेय, पन्नालाल, मनीष, आलोक कुमार, अशोक शुक्ल ने भी संबोधित किया। लीड बैंक प्रबंधक उदय नारायण ने बताया कि यूबीआई की 102, एसबीआई की 42, पीएनबी की 12 शाखाओं समेत विभिन्न बैंकों की कुल 203 शाखाएं बंद रही। बैंकों की हड़ताल के चलते समाशोधन के माध्यम से 35 करोड़, आरटीजीएस और निफ्ट के जरिए 80 करोड़ और नकद जमा व नकद निकासी के माध्यम से 100 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ।
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