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40 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा तापमान, तेज धूप से लोग बेहाल
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जौनपुर। गर्मी ने अभी से रंग दिखाना शुरू कर दिया है । जिले में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है । ऐसे में तेज धूप से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। सबसे अधिक परेशानी दोपहर में स्कूल से छूटने पर घर जाने के लिए बच्चों को हो रही है । गर्मी को देखते हुए शहर में जगह-जगह पेय पदार्थों की दुकानें सज गई हैं। मौसम का ऐसा हाल अप्रैल के शुरुआती दिनों में ही है तो मई-जून में क्या हाल होगा इसे सोच कर लोग हैरान हैं। शुक्रवार को जिला अस्पताल में 976 मरीज ओपीडी में पहुंचे। जिसमें ज्यादातर लोग बुखार और डायरिया से पीड़ित मिले।
सुबह 9 बजे से ही धूप की तल्खी बढ़ जा रही है। दोपहर में गर्म तेज हवाओं और धूप लगने से लोग बीमार पड़ रहे हैं। इन दिनों दस्त, बुखार, जुकाम, डिहाइड्रेशन पीड़ितों की आमद सरकारी और निजी अस्पतालों में होने लगी है।
तापमान बढने के साथ तल्ख धूप और लू लगने से प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। निजी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में सुबह सात बजे से 12 बजे तक पढ़ाई हो रही है, जबकि प्राथमिक विद्यालयों में 8 बजे से एक बजे तक पढ़ाई हो रही है। स्कूलों की छुट्टी के समय तेज धूप होती है और गर्म हवाएं चलती हैं। इसकी चपेट में आकर बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही बीमारियां पांस पसारने लगी है। धूप तल्ख होने लगी है। दोपहर में अब घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। ऐसे में लोग बीमारी की चपेट में तेजी से आ रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। खास कर छोटे बच्चों में बुखार, डायरिया, उल्टी दस्त की शिकायत सबसे अधिक मिल रही है। चिकित्सकों की माने तो अस्पताल में आना वाला हर दूसरा मरीज डायरिया और बुखार अथवा उल्टी दस्त से पीडित हैै। खास कर बच्चे अधिक प्रभावित हो रहे है। थोड़ी से लापरवाही होने पर बच्चे डायरिया और बुखार की चपेट में आ रहे है। गर्मी बढ़ने के साथ ही 30 से 40 सेल्सियस के बीच का तापमान बैक्टिरिया के ग्रोथ के लिए बेहतर माना जाता। इस तापमान पर बैक्टि रीय सक्रिय हो जाते हैं और बीमारियां तेजी से बढ़ने लगती है। ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत होती है। बच्चे ही नहीं बड़े लोग भी डायरिया की चपेट में आ जाते हैं।
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सुबह 9 बजे से ही धूप की तल्खी बढ़ जा रही है। दोपहर में गर्म तेज हवाओं और धूप लगने से लोग बीमार पड़ रहे हैं। इन दिनों दस्त, बुखार, जुकाम, डिहाइड्रेशन पीड़ितों की आमद सरकारी और निजी अस्पतालों में होने लगी है।
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तापमान बढने के साथ तल्ख धूप और लू लगने से प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। निजी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में सुबह सात बजे से 12 बजे तक पढ़ाई हो रही है, जबकि प्राथमिक विद्यालयों में 8 बजे से एक बजे तक पढ़ाई हो रही है। स्कूलों की छुट्टी के समय तेज धूप होती है और गर्म हवाएं चलती हैं। इसकी चपेट में आकर बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही बीमारियां पांस पसारने लगी है। धूप तल्ख होने लगी है। दोपहर में अब घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। ऐसे में लोग बीमारी की चपेट में तेजी से आ रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। खास कर छोटे बच्चों में बुखार, डायरिया, उल्टी दस्त की शिकायत सबसे अधिक मिल रही है। चिकित्सकों की माने तो अस्पताल में आना वाला हर दूसरा मरीज डायरिया और बुखार अथवा उल्टी दस्त से पीडित हैै। खास कर बच्चे अधिक प्रभावित हो रहे है। थोड़ी से लापरवाही होने पर बच्चे डायरिया और बुखार की चपेट में आ रहे है। गर्मी बढ़ने के साथ ही 30 से 40 सेल्सियस के बीच का तापमान बैक्टिरिया के ग्रोथ के लिए बेहतर माना जाता। इस तापमान पर बैक्टि रीय सक्रिय हो जाते हैं और बीमारियां तेजी से बढ़ने लगती है। ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत होती है। बच्चे ही नहीं बड़े लोग भी डायरिया की चपेट में आ जाते हैं।
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