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बुनियादी सुविधाओं की बदतर तस्वीर है बदलापुर....
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बदलापुर। विकास की तमाम कवायदों के बाद भी अब तक जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के चलते बदलापुर विधानसभा क्षेत्र के 406 गांवो में अभी तक बुनियादी सुविधाओं की तश्वीर बदतर है।आधी आबादी के शिक्षा के लिए राजकीय इंटर कालेज व महाविद्यालय नहीं है। इसके अलावा न तो औद्योगिक केंद्र व स्टेडियम है और न ही कृषि वैज्ञानिक केंद्र है।
डा.विभा शुक्ला , अर्चना सिंह ,नमिता मिश्रा ने बताया कि शैक्षिक स्तर पर आज भी आधी आबादी की शिक्षा के लिए एक भी राजकीय इंटर कालेज व महाविद्यालय नहीं है। परिणाम स्वरूप बालिकाएं मजबूरन प्राइवेट विद्यालयों में बालकों के साथ सह शिक्षा लेने के लिए मजबूर हैं। मनीष सिंह, सुनील मौर्या, विकास शर्मा ने बताया कि एक भी औद्योगिक केंद्र स्थापित नहीं होने के कारण रोजगार का साधन भी नहीं बन पाया है। बेरोजगार महानगरों में जाकर काम करने को विवश हैं। कहने को बिजली के लिए शिड्यूल निर्धारित है । किन्तु उपभोक्ता का मानें तो शहर में 14 से 15 घंटे तथा ग्रामीण आंचल में 10 से 12 घंटे की आपूर्ति हो रही है। युवाओं के शारीरिक शैष्ठव के लिए बदलापुर तहसील मुख्यालय पर एक भी स्टेडियम नहीं है। अति दयनीय बहरा पार्क के अलावा अन्य पार्क भी नहीं है। बर्रैया निवासी किसान मनोज सिंह , हकारपुर के शिवाजी दुबे, पुरानीबाजार निवासी रामजीत पांडेय आदि लोगों ने बताया कि किसानों को तकनीकी खेती कर लाभ कमाने के लिए बदलापुर में एक भी कृषि वैज्ञानिक केंद्र की स्थापना नहीं हो पाई है। बदलापुर नगरपंचायत में मनोरंजन के लिए एक भी सिनेमाघर तक नहीं है।
डा.विभा शुक्ला , अर्चना सिंह ,नमिता मिश्रा ने बताया कि शैक्षिक स्तर पर आज भी आधी आबादी की शिक्षा के लिए एक भी राजकीय इंटर कालेज व महाविद्यालय नहीं है। परिणाम स्वरूप बालिकाएं मजबूरन प्राइवेट विद्यालयों में बालकों के साथ सह शिक्षा लेने के लिए मजबूर हैं। मनीष सिंह, सुनील मौर्या, विकास शर्मा ने बताया कि एक भी औद्योगिक केंद्र स्थापित नहीं होने के कारण रोजगार का साधन भी नहीं बन पाया है। बेरोजगार महानगरों में जाकर काम करने को विवश हैं। कहने को बिजली के लिए शिड्यूल निर्धारित है । किन्तु उपभोक्ता का मानें तो शहर में 14 से 15 घंटे तथा ग्रामीण आंचल में 10 से 12 घंटे की आपूर्ति हो रही है। युवाओं के शारीरिक शैष्ठव के लिए बदलापुर तहसील मुख्यालय पर एक भी स्टेडियम नहीं है। अति दयनीय बहरा पार्क के अलावा अन्य पार्क भी नहीं है। बर्रैया निवासी किसान मनोज सिंह , हकारपुर के शिवाजी दुबे, पुरानीबाजार निवासी रामजीत पांडेय आदि लोगों ने बताया कि किसानों को तकनीकी खेती कर लाभ कमाने के लिए बदलापुर में एक भी कृषि वैज्ञानिक केंद्र की स्थापना नहीं हो पाई है। बदलापुर नगरपंचायत में मनोरंजन के लिए एक भी सिनेमाघर तक नहीं है।
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