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हवन और भंडारे के साथ कथा का हुआ समापन
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खुटहन। क्षेत्र के तिलवारी स्थित आरएस दूबे सेंट्रल एकेडमी में चल रहे पांच दिवसीय रामचरित मानस कथा का शुक्रवार को हवन, पूजन, योग के साथ समापन हुआ। शाम को भंडारे का आयोजन किया गया। सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
योगाचार्य अवनीश तिवारी ने कहा कि जिस प्रकार हवन से वातावरण शुद्ध होता है, उसी प्रकार योग करने से तन, मन प्रफुल्लित होता है। मानस कोविद मदन मोहन मिश्र ने कहा कि यज्ञ का साकला ईश्वर का आहार होता है। परमानंद महराज ने कहा कि यज्ञ से उठने वाला धुआं आसमान में जहां तक जाता है, वातावरण को शुद्ध करता है। इस मौके पर दयाराम उपाध्याय प्रधान, करुणापति दूबे, ताड़क नाथ, दिनेश, राम सूरत, रमानंद, लालचंद पांडेय, अजय सिंह, रामपाल सिंह, राम लखन प्रचेता आदि मौजूद रहे। आयोजक संजय दूबे ने आगंतुकों का स्वागत तथा प्रबंधक सुभाष चंद्र दूबे ने आभार प्रकट किया।
योगाचार्य अवनीश तिवारी ने कहा कि जिस प्रकार हवन से वातावरण शुद्ध होता है, उसी प्रकार योग करने से तन, मन प्रफुल्लित होता है। मानस कोविद मदन मोहन मिश्र ने कहा कि यज्ञ का साकला ईश्वर का आहार होता है। परमानंद महराज ने कहा कि यज्ञ से उठने वाला धुआं आसमान में जहां तक जाता है, वातावरण को शुद्ध करता है। इस मौके पर दयाराम उपाध्याय प्रधान, करुणापति दूबे, ताड़क नाथ, दिनेश, राम सूरत, रमानंद, लालचंद पांडेय, अजय सिंह, रामपाल सिंह, राम लखन प्रचेता आदि मौजूद रहे। आयोजक संजय दूबे ने आगंतुकों का स्वागत तथा प्रबंधक सुभाष चंद्र दूबे ने आभार प्रकट किया।
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