{"_id":"5c100520bdec224153248181","slug":"154455379916-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नए और पुराने छात्रों को मिलाने का अवसर देता है परिचय समारोह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नए और पुराने छात्रों को मिलाने का अवसर देता है परिचय समारोह
Updated Wed, 12 Dec 2018 12:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जौनपुर। टीडी कॉलेज के हिंदी विभाग में मंगलवार को पुरातन छात्र सम्मेलन हुआ। नवोदितों और पुरनियों ने अपने अनुभव साझा किए। इलाहाबाद के हिंदी के प्रो. सुनील विक्रम सिंह का सम्मान किया गया।
वभागाध्यक्ष डा. सरोज सिंह ने कहा कि छात्र सूर्य की तरह प्रकाश फैलाएं कि उनका परिचय किसी न कराना पड़े। कालेजों में परिचय समारोह के माध्यम से लोग एक-दूसरे के नजदीक आते हैं। प्रो. सुनील विक्रम सिंह ने सरस्वती के चित्र पर दीप जला कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष इसी कालेज में रहा हूं आज भी मेरा मन इसी परिसर में विचरण करता रहता है। डा. सुषमा सिंह ने कहा स्वागत और परिचय विभाग की गरिमा और परंपरा है उसी का निर्वहन किया जा रहा है। विभाग के असिस्टेंट प्रो. महेंद्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि स्वागत समारोह के जरिए ही छात्रों को नए और पुराने छात्रों को मिलाने का अवसर मिलता है। डा. रामदेव दुबे, डा. ओपी सिंह ने भी डा. सुनील विक्रम सिंह का स्वागत और सम्मानित किया। छात्र चंदा मिश्रा, कृष्णा शुक्ला, रुचि शर्मा, कविता तिवारी, ममता, शैलेंद्र, पंकज, प्रिया, उपमा, आशीष आदि मौजूद थे। आरती सिंह ने आभार जताया और संचालन ज्योति सिंह ने किया।
वभागाध्यक्ष डा. सरोज सिंह ने कहा कि छात्र सूर्य की तरह प्रकाश फैलाएं कि उनका परिचय किसी न कराना पड़े। कालेजों में परिचय समारोह के माध्यम से लोग एक-दूसरे के नजदीक आते हैं। प्रो. सुनील विक्रम सिंह ने सरस्वती के चित्र पर दीप जला कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष इसी कालेज में रहा हूं आज भी मेरा मन इसी परिसर में विचरण करता रहता है। डा. सुषमा सिंह ने कहा स्वागत और परिचय विभाग की गरिमा और परंपरा है उसी का निर्वहन किया जा रहा है। विभाग के असिस्टेंट प्रो. महेंद्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि स्वागत समारोह के जरिए ही छात्रों को नए और पुराने छात्रों को मिलाने का अवसर मिलता है। डा. रामदेव दुबे, डा. ओपी सिंह ने भी डा. सुनील विक्रम सिंह का स्वागत और सम्मानित किया। छात्र चंदा मिश्रा, कृष्णा शुक्ला, रुचि शर्मा, कविता तिवारी, ममता, शैलेंद्र, पंकज, प्रिया, उपमा, आशीष आदि मौजूद थे। आरती सिंह ने आभार जताया और संचालन ज्योति सिंह ने किया।
विज्ञापन