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सामुदायिक रेडियो से हो रहा है सामजिक परिवर्तन
Updated Sat, 08 Dec 2018 11:43 PM IST
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जौनपुर। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज के पत्रकारिता विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. साधना श्रीवास्तव ने कहा कि नव माध्यम के तेजी से विस्तार के बावजूद बहुत सारे क्षेत्रों में सामुदायिक रेडियो आज भी सूचना का सशक्त माध्यम बना हुआ है। वह शनिवार को वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में आयोजित सामुदायिक रेडियो विषय पर विशेष व्याख्यानमाला में बोल रही थी।
उन्होंने कहा कि आज दुनियां के तमाम देश सामुदायिक रेडियो के महत्व को बखूबी समझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि एफएम रेडियो की लोकप्रियता ने युवा को फिर से रेडियो से जोड़ दिया है। एफएम रेडियो मनोरंजन पर केंद्रित हैं। वही सामुदायिक रेडियो विशेष समुदाय को ध्यान में रखकर सूचना संप्रेषण करते हुए सामाजिक परिवर्तन का कारण बन रहे है। स्वागत विभागाध्यक्ष डा. मनोज मिश्र ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन डा. दिग्विजय सिंह राठौर ने किया। इस अवसर पर डा. अवध बिहारी सिंह, डा. सुनील कुमार, डा. चंदन सिंह, डा. रुश्दा आजमी के अलावा विभाग के तमाम विद्यार्थी मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि आज दुनियां के तमाम देश सामुदायिक रेडियो के महत्व को बखूबी समझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि एफएम रेडियो की लोकप्रियता ने युवा को फिर से रेडियो से जोड़ दिया है। एफएम रेडियो मनोरंजन पर केंद्रित हैं। वही सामुदायिक रेडियो विशेष समुदाय को ध्यान में रखकर सूचना संप्रेषण करते हुए सामाजिक परिवर्तन का कारण बन रहे है। स्वागत विभागाध्यक्ष डा. मनोज मिश्र ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन डा. दिग्विजय सिंह राठौर ने किया। इस अवसर पर डा. अवध बिहारी सिंह, डा. सुनील कुमार, डा. चंदन सिंह, डा. रुश्दा आजमी के अलावा विभाग के तमाम विद्यार्थी मौजूद रहे।
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