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ब बिजली बिल जमा करने के लिए नहीं लगाना होगा चक्कर -एके मिश्रा
Updated Sun, 02 Dec 2018 12:03 AM IST
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जौनपुर। विद्युत उपभोक्ताओं को बिल समय से जमा करने के लिए विभाग के काउंटर पर लंबी कतार में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता अब जन सेवा केंद्र में भी बिल जमा करा सकते हैं। बिलों की गड़बड़ी सुधारने, मीटर लगवाने की सेवा प्राप्त कर सकते हैं। पहले जन सेवा केंद्रों पर भुगतान के लिए शुल्क देना पड़ता था लेकिन अब कोई शुल्क नहीं लगेगा। सीएससी ई-गवर्नेंस के जन सेवा केंद्र संचालकों को शनिवार को कलेक्ट्रेट प्रेक्षागृह में कार्यशाला में बिल भुगतान के बारे में जानकारी दी गई।
नियमित मीटर रीडिंग और भुगतान का सहज तरीका मुहैया कराके बिजली बिल की वसूली बढ़ाई जा सकती है। विभाग वसूली के लिए तरह-तरह के यत्न करता है। छुट्टियों में भी कैश काउंटर खोले जाते हैं। इसके बावजूद सभी उपभोक्ता बिलों का भुगतान नहीं कर पाते हैं। दरअसल विभाग उपभोक्ताओं को मीटर रीडिंग के बाद एक हफ्ते का समय बिल भुगतान के लिए देता है। उसके बाद से सरचार्ज लगने लगता है। काउंटरों पर लंबी कतार होने के कारण तमाम उपभोक्ता निर्धारित समय से बिल भुगतान नहीं कर पाते और अगले महीने के बिल का इंतजार करने लगता है। ऐसे तमाम लोगों पर सरचार्ज बढ़ता जाता है। इसको देखते हुए विभाग ने बिलिंग को जनसेवा केंद्रों से जोड़ने का फैसला लिया है।
जनसेवा केंद्र संचालकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधीक्षण अभियंता विद्युत एके मिश्रा ने कहा कि भारत सरकार के ई-गवर्नेंस ने विद्युत विभाग को सीएससी से जोड़ दिया है। इससे उपभोक्ताओं को विद्युत बिल जमा करने और त्रुटियों को ठीक कराने के लिए कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। वहीं से मीटर भी लगवाया जा सकता है। बिजली विभाग इसके लिए एक अलग पोर्टल भी जनसेवा केंद्रों को उपलब्ध कराएगा। उसमें ग्रामीणों को बिजली बिल जमा करने, बिजली मीटर लगाने, मीटर में खराबी की शिकायत की सुविधाएं दी जाएगी। पोर्टल की सुविधा प्राप्त करने के लिए केंद्र के संचालक सीएससी प्रबंधक से मिलकर फार्म भर दें। इस सेवा के लिए बिजली उपभोक्ताओं को सहज जन सेवा केंद्र को कोई शुल्क नहीं देना है। अधीक्षण अभियंता एके गुप्ता, अधिशासी अभियंता प्रथम विनोद कुमार गुप्ता, द्वितीय बीबी सिंह, प्रबंधक अरविंद मौर्या, विजय गुलशन पांडेय, सीएससी सोसायटी अध्यक्ष शिव गोविंद व विकास शुक्ला आदि उपस्थित रहे।
नियमित मीटर रीडिंग और भुगतान का सहज तरीका मुहैया कराके बिजली बिल की वसूली बढ़ाई जा सकती है। विभाग वसूली के लिए तरह-तरह के यत्न करता है। छुट्टियों में भी कैश काउंटर खोले जाते हैं। इसके बावजूद सभी उपभोक्ता बिलों का भुगतान नहीं कर पाते हैं। दरअसल विभाग उपभोक्ताओं को मीटर रीडिंग के बाद एक हफ्ते का समय बिल भुगतान के लिए देता है। उसके बाद से सरचार्ज लगने लगता है। काउंटरों पर लंबी कतार होने के कारण तमाम उपभोक्ता निर्धारित समय से बिल भुगतान नहीं कर पाते और अगले महीने के बिल का इंतजार करने लगता है। ऐसे तमाम लोगों पर सरचार्ज बढ़ता जाता है। इसको देखते हुए विभाग ने बिलिंग को जनसेवा केंद्रों से जोड़ने का फैसला लिया है।
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जनसेवा केंद्र संचालकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधीक्षण अभियंता विद्युत एके मिश्रा ने कहा कि भारत सरकार के ई-गवर्नेंस ने विद्युत विभाग को सीएससी से जोड़ दिया है। इससे उपभोक्ताओं को विद्युत बिल जमा करने और त्रुटियों को ठीक कराने के लिए कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। वहीं से मीटर भी लगवाया जा सकता है। बिजली विभाग इसके लिए एक अलग पोर्टल भी जनसेवा केंद्रों को उपलब्ध कराएगा। उसमें ग्रामीणों को बिजली बिल जमा करने, बिजली मीटर लगाने, मीटर में खराबी की शिकायत की सुविधाएं दी जाएगी। पोर्टल की सुविधा प्राप्त करने के लिए केंद्र के संचालक सीएससी प्रबंधक से मिलकर फार्म भर दें। इस सेवा के लिए बिजली उपभोक्ताओं को सहज जन सेवा केंद्र को कोई शुल्क नहीं देना है। अधीक्षण अभियंता एके गुप्ता, अधिशासी अभियंता प्रथम विनोद कुमार गुप्ता, द्वितीय बीबी सिंह, प्रबंधक अरविंद मौर्या, विजय गुलशन पांडेय, सीएससी सोसायटी अध्यक्ष शिव गोविंद व विकास शुक्ला आदि उपस्थित रहे।
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