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राजस्व निरीक्षक संघ ने दिया धरना, सौंपा ज्ञापन
Updated Wed, 21 Nov 2018 12:55 AM IST
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जौनपुर। उत्तर प्रदेश राजस्व निरीक्षक संघ ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया और मांगों से संबोधित ज्ञापन मजिस्ट्रेट को सौंपा। वक्ताओं ने कहा कि 30 नवंबर को राजस्व निरीक्षक अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे।
अध्यक्ष कृपाल सिंह यादव और महामंत्री जटाशंकर मौर्य ने कहा कि 15 नवंबर से 17 नवंबर तक तहसीलों में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रकट किया जा चुका है। सोची समझी साजिश के तहत उनके साथ सरकार व्यवहार कर रही है, जिसे अब दबाया नहीं जा सकता है। मांगों में राजस्व निरीक्षकों का स्थायीकरण, राजस्व निरीक्षक संवर्ग की श्रेष्ठता सूची प्रकाशित करने, माननीय उच्च न्यायालय के आदेश पर वर्ष 2005 में कुछ लेखपाल राजस्व निरीक्षक का प्रशिक्षक प्राप्त किए, जिनका परीक्षाफल घोषित कर स्थायीकरण करने की मांग की गई है। इसके अलावा राजस्व निरीक्षकों को स्टेशनरी के रूप में मिलने 6 रूपए प्रतिमाह की धनराशि को बढ़ाकर 1500 रूपए किए जाने, 25 रूपए प्रतिमाह यात्रा भत्ता को 3 हजार रुपए करने, विशिष्ट सेवा भत्ता 100 से बढ़ाकर एक हजार रूपए प्रतिमाह करने, राजस्व निरीक्षकों को बैठने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था कराने की मांग की गई है। नक्सल प्रभावित इलाकों में राजस्व निरीक्षकों को नक्सल भत्ता दिए जाने की मांग की गई है। इस मौके पर बाबूराम, वीरेंद्र, अशोक राय, नीरज सिंह, रामजी विश्वकर्मा, कृपाशंकर यादव, ओम प्रकाश चौधरी, राजेश यादव, हुबराज यादव, बदरे आलम आदि मौजूद रहे।
अध्यक्ष कृपाल सिंह यादव और महामंत्री जटाशंकर मौर्य ने कहा कि 15 नवंबर से 17 नवंबर तक तहसीलों में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रकट किया जा चुका है। सोची समझी साजिश के तहत उनके साथ सरकार व्यवहार कर रही है, जिसे अब दबाया नहीं जा सकता है। मांगों में राजस्व निरीक्षकों का स्थायीकरण, राजस्व निरीक्षक संवर्ग की श्रेष्ठता सूची प्रकाशित करने, माननीय उच्च न्यायालय के आदेश पर वर्ष 2005 में कुछ लेखपाल राजस्व निरीक्षक का प्रशिक्षक प्राप्त किए, जिनका परीक्षाफल घोषित कर स्थायीकरण करने की मांग की गई है। इसके अलावा राजस्व निरीक्षकों को स्टेशनरी के रूप में मिलने 6 रूपए प्रतिमाह की धनराशि को बढ़ाकर 1500 रूपए किए जाने, 25 रूपए प्रतिमाह यात्रा भत्ता को 3 हजार रुपए करने, विशिष्ट सेवा भत्ता 100 से बढ़ाकर एक हजार रूपए प्रतिमाह करने, राजस्व निरीक्षकों को बैठने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था कराने की मांग की गई है। नक्सल प्रभावित इलाकों में राजस्व निरीक्षकों को नक्सल भत्ता दिए जाने की मांग की गई है। इस मौके पर बाबूराम, वीरेंद्र, अशोक राय, नीरज सिंह, रामजी विश्वकर्मा, कृपाशंकर यादव, ओम प्रकाश चौधरी, राजेश यादव, हुबराज यादव, बदरे आलम आदि मौजूद रहे।
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