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आयी जहरा की सदां, या हुसैन अलविदा...
Updated Sun, 18 Nov 2018 01:07 AM IST
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जौनपुर। नगर में इमामे हसन असकरी की शहादत के मौके पर अय्यामे अजा के आखिरी दिन शनिवार को जगह-जगह मजलिसों के बाद शबीहे ताबूत, अलम, जुलजनाह व ऊंटों पर रखी अमारियों का जुलूस निकाला गया। मोहल्ला ख्वाजा दोस्त पोस्तीखाना में इमामबाड़ा अब्बास मंजिल में मजलिस में मौलाना इरशाद अब्बास ने कहा कि इस्लाम अमन का मजहब है।
उन्होंने कहा कि लगातार दो महीने आठ दिन तक हम सब कर्बला के शहीदों का गम मनाते रहे। अगले साल जो जिंदा रहेगा वो ही मौला का गम मना सकेंगे। सोजखानी गौहर अली जैदी व उनके हम नवा ने पढ़ा, मजलिस के बाद अंजुमन मजलूमिया के नेतृत्व में जुलूस निकाला गया। जुलूस अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ इनाम अली खां के आवास के पास पहुंचा जहां पर तकरीर डॉ क़मर अब्बास ने किया । उसके बाद अलम, तुर्बत व जुलजनाह बरामद हुआ। जुलूस अपने कदीम रास्तों से होता हुआ सिपाह पहुंचा यहाँ डा. कमर अब्बास ने तकरीर कर इमामे हसन अश्करी अ.स. के शहादत पर प्रकाश डाला। मौलाना हसन अकबर व मोहम्मद हसन नसीम ने भी तकरीर किया। जुलूस में नगर की सभी प्रमुख अंजुमनों ने नौहा व मातम किया। यहाँ से जुलूस अपने कदीमी रास्ते से होते हुए सिपाह स्थित नबी साहब के रौजे पर पहुंचकर समाप्त हुआ। इस मौके शाहिद हुसैन, यावर हुसैन, नुसरत हुसैन, मोहसिन रजा, मीसम हुसैन, वसी हैदर, मुस्तफा जैदी,शमशीर हसन,नजर हसन एडवोकेट,फैसल हसन तबरेज,नसीम अब्बास ,तामीर हसन शिबू ,बब्बी खां,सहित अन्य लोग मौजूद रहे। इसी क्रम में सिपाह मोहल्ला में इमामबाड़ा से भी जुलूसे आमारी निकाला गया । जिसमें अंजुमनों ने नौहा मातम कर करबला के शहीदों को खिराजे अकीदत पेश की। जुलूस अपने कदीम रास्ते से होते हुए नबी साहब इमाम बारगाह पहुंचा जहां ताजिया को सुपूर्दे खाक किया गया।इस मौके पर डॉ मंसूर जैदी, कर्रार हुसैन,अख्तर हुसैन, सहित अन्य लोग मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि लगातार दो महीने आठ दिन तक हम सब कर्बला के शहीदों का गम मनाते रहे। अगले साल जो जिंदा रहेगा वो ही मौला का गम मना सकेंगे। सोजखानी गौहर अली जैदी व उनके हम नवा ने पढ़ा, मजलिस के बाद अंजुमन मजलूमिया के नेतृत्व में जुलूस निकाला गया। जुलूस अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ इनाम अली खां के आवास के पास पहुंचा जहां पर तकरीर डॉ क़मर अब्बास ने किया । उसके बाद अलम, तुर्बत व जुलजनाह बरामद हुआ। जुलूस अपने कदीम रास्तों से होता हुआ सिपाह पहुंचा यहाँ डा. कमर अब्बास ने तकरीर कर इमामे हसन अश्करी अ.स. के शहादत पर प्रकाश डाला। मौलाना हसन अकबर व मोहम्मद हसन नसीम ने भी तकरीर किया। जुलूस में नगर की सभी प्रमुख अंजुमनों ने नौहा व मातम किया। यहाँ से जुलूस अपने कदीमी रास्ते से होते हुए सिपाह स्थित नबी साहब के रौजे पर पहुंचकर समाप्त हुआ। इस मौके शाहिद हुसैन, यावर हुसैन, नुसरत हुसैन, मोहसिन रजा, मीसम हुसैन, वसी हैदर, मुस्तफा जैदी,शमशीर हसन,नजर हसन एडवोकेट,फैसल हसन तबरेज,नसीम अब्बास ,तामीर हसन शिबू ,बब्बी खां,सहित अन्य लोग मौजूद रहे। इसी क्रम में सिपाह मोहल्ला में इमामबाड़ा से भी जुलूसे आमारी निकाला गया । जिसमें अंजुमनों ने नौहा मातम कर करबला के शहीदों को खिराजे अकीदत पेश की। जुलूस अपने कदीम रास्ते से होते हुए नबी साहब इमाम बारगाह पहुंचा जहां ताजिया को सुपूर्दे खाक किया गया।इस मौके पर डॉ मंसूर जैदी, कर्रार हुसैन,अख्तर हुसैन, सहित अन्य लोग मौजूद थे।
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