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रेलवे ट्रैक पर सभा कर सांसद व रेल मंत्री के खिलाफ की नारेबाजी
Updated Fri, 16 Nov 2018 11:52 PM IST
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मीरगंज। जंघई-जफराबाद रेल खंड पर स्थित जरौना रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं और एजे ट्रेन के नियमित संचालन की मांग के समर्थन में घाटमपुर निवासी जज सिंह उर्फ अन्ना के नेतृत्व में गांव के लोगों ने रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन किया, सभा की और आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। बिना अनुमति के ट्रैक पर सभा करने की आरपीएफ जांच कतर रही है।
शुक्रवार दिन में घाटमपुर निवासी जज सिंह जरौना स्टेशन पहुंचकर ट्रैक के बीचोबीच सभा की। गनीमत रही की इस दौरान कोई ट्रेन नहीं आई। दस मिनट सभा चली, जिसमें वक्ताओं ने कहा कि जरौना स्टेशन सरकार की उपेक्षा का शिकार है। यहां मूलभूत यात्री सुविधाओं का अभाव है। प्लेटफार्म नीचे होने के कारण बुजुर्ग व महिलाएं ट्रेन पर चढ़ते उतरते वक्त गिरकर चुटहिल हो जाते हैं। स्टेशन के पूर्वी फाटक के पास लगभग 120 वर्ष पुराने पुल पर से ट्रेन गुजर रही है। स्टेशन पर न पेयजल व बिजली है और न ही बैठने की व्यवस्था। एक भी शौचालय नहीं है।
बरसात में आसपास की दुकानों पर बैठकर यात्री ट्रेन की प्रतीक्षा करते हैं। एजे पैसेंजर ट्रेन के लेट व आए दिन रद्द होने से यात्रियों एवं छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा हैं। ट्रेन को इलाहाबाद से हटाकर बरेली तक करने के बाद से ही समस्या खड़ी गई है। उन्होंने मछलीशहर के सांसद और रेलमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। मांगें पूरी न होने पर 20 नवंबर को जंघई जौनपुर रेल प्रखंड पर रेल रोको आंदोलन की चेतावनी दी। आरपीएफ इंस्पेक्टर रोहताश कुमार का कहना है की आंदोलन करने के लिए 20 नवंबर को पत्र द्वारा सूचना दी गयी है। यदि शुक्रवार को ही ट्रैक पर सभा की गई है तो गेटमैन से मेमो मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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शुक्रवार दिन में घाटमपुर निवासी जज सिंह जरौना स्टेशन पहुंचकर ट्रैक के बीचोबीच सभा की। गनीमत रही की इस दौरान कोई ट्रेन नहीं आई। दस मिनट सभा चली, जिसमें वक्ताओं ने कहा कि जरौना स्टेशन सरकार की उपेक्षा का शिकार है। यहां मूलभूत यात्री सुविधाओं का अभाव है। प्लेटफार्म नीचे होने के कारण बुजुर्ग व महिलाएं ट्रेन पर चढ़ते उतरते वक्त गिरकर चुटहिल हो जाते हैं। स्टेशन के पूर्वी फाटक के पास लगभग 120 वर्ष पुराने पुल पर से ट्रेन गुजर रही है। स्टेशन पर न पेयजल व बिजली है और न ही बैठने की व्यवस्था। एक भी शौचालय नहीं है।
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बरसात में आसपास की दुकानों पर बैठकर यात्री ट्रेन की प्रतीक्षा करते हैं। एजे पैसेंजर ट्रेन के लेट व आए दिन रद्द होने से यात्रियों एवं छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा हैं। ट्रेन को इलाहाबाद से हटाकर बरेली तक करने के बाद से ही समस्या खड़ी गई है। उन्होंने मछलीशहर के सांसद और रेलमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। मांगें पूरी न होने पर 20 नवंबर को जंघई जौनपुर रेल प्रखंड पर रेल रोको आंदोलन की चेतावनी दी। आरपीएफ इंस्पेक्टर रोहताश कुमार का कहना है की आंदोलन करने के लिए 20 नवंबर को पत्र द्वारा सूचना दी गयी है। यदि शुक्रवार को ही ट्रैक पर सभा की गई है तो गेटमैन से मेमो मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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