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बरोना यंत्र खरीदे बिल पोर्टल पर अपलोड करने वाले होंगे लाभ पाने से वंचि
Updated Wed, 14 Nov 2018 01:23 AM IST
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जौनपुर। बिना यंत्र खरीदे पोर्टल पर बिल बाउचर लगाने वाले किसानों को योजना के तहत मिलने वाले अनुदान से वंचित कर दिया जाएगा। इसके लिए कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा मंगलवार से पोर्टल पर अपलोड बिल को लेकर अनुदान से लाभान्वित होने वाले किसानों के घर जाकर यंत्रों की जांच शुरू कर दी है। जिन चयनित किसानों ने बिना यंत्र खरीदे ही पोर्टल पर बिल लगा दिया है, उन्हें फर्जी करार दिया जाएगा।
सरकार किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान दे रही है। योजना के तहत किसान को किसी भी कंपनी से यंत्र खरीद कर उसका बिल पोर्टल पर अपलोड करना था। उसी के आधार पर अनुदान की राशि सीधे किसान के खाते में भेजी जानी थी। तीन कृषि यंत्र लेने पर 80 फीसदी और एक व दो यंत्र लेने पर 50 फीसदी अनुदान देने का प्राविधान है। योजना के तहत जिले में कुल 191 किसानों का चयन किया गया है। इन किसानों द्वारा यंत्रों को खरीद कर उसका बिल बाउचर संबंधित पोर्टल पर अपलोड कर दिया है। इसी बीच सूचना मिली कि कुछ किसानों ने केवल बिल जमा किया है, यंत्र खरीदे ही नहीं। सच्चाई जानने के लिए सरकार द्वारा पोर्टल पर अपलोड बिल बाउचर के साथ किसानों के घर जाकर यंत्रों का सत्यापन करने को कहा है। जिनके यहां उपकरण नहीं मिलेंगे, उसके खाते में सब्सिडी की रकम नहीं भेजी जाएगी। कृषि विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार से लाभार्थियों के घर जाकर यंत्रों की जांच शुरू कर दी। जांच 15 नवंबर तक की जाएगी। जांच की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
किसानों द्वारा यंत्र खरीदे गए हैं कि नहीं, इसके लिए योजना का लाभ पाने वाले किसानों के घर जाकर यंत्रों की जांच करने का कार्य मंगलवार से किया जा रहा है, जो 15 नवंबर तक की जाएगी। जिसकी जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जांच के दौरान बिना यंत्र खरीदे बिल बाउचर पोर्टल पर अपलोड करने वाले किसानों को लाभ पाने से वंचित कर दिया जाएगा।
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जय प्रकाश
उप निदेशक कृषि
सरकार किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान दे रही है। योजना के तहत किसान को किसी भी कंपनी से यंत्र खरीद कर उसका बिल पोर्टल पर अपलोड करना था। उसी के आधार पर अनुदान की राशि सीधे किसान के खाते में भेजी जानी थी। तीन कृषि यंत्र लेने पर 80 फीसदी और एक व दो यंत्र लेने पर 50 फीसदी अनुदान देने का प्राविधान है। योजना के तहत जिले में कुल 191 किसानों का चयन किया गया है। इन किसानों द्वारा यंत्रों को खरीद कर उसका बिल बाउचर संबंधित पोर्टल पर अपलोड कर दिया है। इसी बीच सूचना मिली कि कुछ किसानों ने केवल बिल जमा किया है, यंत्र खरीदे ही नहीं। सच्चाई जानने के लिए सरकार द्वारा पोर्टल पर अपलोड बिल बाउचर के साथ किसानों के घर जाकर यंत्रों का सत्यापन करने को कहा है। जिनके यहां उपकरण नहीं मिलेंगे, उसके खाते में सब्सिडी की रकम नहीं भेजी जाएगी। कृषि विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार से लाभार्थियों के घर जाकर यंत्रों की जांच शुरू कर दी। जांच 15 नवंबर तक की जाएगी। जांच की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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किसानों द्वारा यंत्र खरीदे गए हैं कि नहीं, इसके लिए योजना का लाभ पाने वाले किसानों के घर जाकर यंत्रों की जांच करने का कार्य मंगलवार से किया जा रहा है, जो 15 नवंबर तक की जाएगी। जिसकी जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जांच के दौरान बिना यंत्र खरीदे बिल बाउचर पोर्टल पर अपलोड करने वाले किसानों को लाभ पाने से वंचित कर दिया जाएगा।
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जय प्रकाश
उप निदेशक कृषि