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हत्या के जुर्म में पिता पुत्र को आजीवन कारावास एवं अर्थ दंड
Updated Thu, 01 Nov 2018 12:28 AM IST
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जौनपुर। केराकत थाना क्षेत्र के तेजपुर घाघिया गांव में चार वर्ष पूर्व गोली मारकर हुई राणा प्रताप सिंह की हत्या के मामले में कोर्ट ने आरोपी पिता पुत्र को बुधवार को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा दी है। अपर सत्र न्यायाधीश पंचम साजिया नजर जैदी ने सुनवाई के बाद आजीवन कारावास एवं बीस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।
केराकत थाना क्षेत्र के तेजपुर गांव निवासी रामप्रताप सिंह ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दस अगस्त 2014 की रात विवेक सिंह गाली देते हुए दरवाजे पर चढ़ आए और कहा कि मेरे घर पर पत्थर फेंक रहे हो। राणा प्रताप ने गाली देने से मना किया तो विवेक के पिता रामसमुझ सिंह के ललकारने पर विवेक ने लाइसेंसी रायफल से राणा प्रताप को गोली मार दी। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करके आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता अली अरशद एवं दुष्यंत सिंह ने आठ गवाह कोर्ट में पेश किया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस एवं तर्कों को सुनने व पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों पिता पुत्र रामसमुझ सिंह व विवेक को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।
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दहेज हत्यारोपी पति को दस वर्ष का सश्रम कारावास
दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को जलाकर हुई थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। बरसठी क्षेत्र के चंद्रभानपुर में विवाहिता की दहेज हत्या करने के आरोपी पति को अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट अशोक कुमार ने बुधवार को दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
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पंवारा थाना क्षेत्र निवासी ओमप्रकाश ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उसकी पुत्री मनोरमा की शादी चंद्रभानपुर निवासी अनिल कुमार के साथ हुई थी। विवाह के बाद पति व ससुराल वाले दहेज में एक लाख रुपये के लिए मनोरमा को प्रताड़ित करते थे। मांग पूरी न होने पर पांच सितंबर 2008 को मिट्टी का तेल छिड़ककर उसे जला दिया। सूचना पर मायके वाले पहुंचे तो मनोरमा ने बताया कि दहेज के लिए उसे जलाया गया है। हास्पिटल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। एडीजीसी संजय श्रीवास्तव, सुरेंद्र प्रजापति, राजेश श्रीवास्तव ने गवाहों को पेश किया।
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केराकत थाना क्षेत्र के तेजपुर गांव निवासी रामप्रताप सिंह ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दस अगस्त 2014 की रात विवेक सिंह गाली देते हुए दरवाजे पर चढ़ आए और कहा कि मेरे घर पर पत्थर फेंक रहे हो। राणा प्रताप ने गाली देने से मना किया तो विवेक के पिता रामसमुझ सिंह के ललकारने पर विवेक ने लाइसेंसी रायफल से राणा प्रताप को गोली मार दी। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करके आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता अली अरशद एवं दुष्यंत सिंह ने आठ गवाह कोर्ट में पेश किया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस एवं तर्कों को सुनने व पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों पिता पुत्र रामसमुझ सिंह व विवेक को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।
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दहेज हत्यारोपी पति को दस वर्ष का सश्रम कारावास
दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को जलाकर हुई थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। बरसठी क्षेत्र के चंद्रभानपुर में विवाहिता की दहेज हत्या करने के आरोपी पति को अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट अशोक कुमार ने बुधवार को दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
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पंवारा थाना क्षेत्र निवासी ओमप्रकाश ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उसकी पुत्री मनोरमा की शादी चंद्रभानपुर निवासी अनिल कुमार के साथ हुई थी। विवाह के बाद पति व ससुराल वाले दहेज में एक लाख रुपये के लिए मनोरमा को प्रताड़ित करते थे। मांग पूरी न होने पर पांच सितंबर 2008 को मिट्टी का तेल छिड़ककर उसे जला दिया। सूचना पर मायके वाले पहुंचे तो मनोरमा ने बताया कि दहेज के लिए उसे जलाया गया है। हास्पिटल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। एडीजीसी संजय श्रीवास्तव, सुरेंद्र प्रजापति, राजेश श्रीवास्तव ने गवाहों को पेश किया।