{"_id":"5bd6084abdec22693d1212cc","slug":"15407534442-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भूमि नहीं मिल पाने के कारण अधर में पड़ सकता निर्माण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भूमि नहीं मिल पाने के कारण अधर में पड़ सकता निर्माण
Updated Mon, 29 Oct 2018 12:34 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जौनपुर। शहर में ऑडिटोरियम का निर्माण खटाई में पड़ सकता है। कारण अभी तक प्रशासन कार्यदायी संस्था को भूमि मुहैया नहीं करा पाया है। तीन साल से इसके निर्माण की कवायद चल रही है। इसके लिए कई बार टेंडर हुआ और निरस्त हुआ। अब टेंडर हुए तकरीबन एक वर्ष बीत गए तो जमीन ही नहीं मिल रही है।
शहर में कोई ऑडिटोरियम नहीं है। किसी भी आयोजन में परेशानी होती है। तीन साल पूर्व तत्कालीन सचिव नगर विकास जौनपुर निवासी एसपी सिंह ने कुछ जनप्रतिनिधियों की मांग पर ऑडिटोरियम के लिए 17.83 करोड़ की मंजूरी दी। और कुछ धन भी जारी कर दिया गया। शुरूआती दौर में कृषि भवन परिसर में जमीन आरक्षित की गई। बताया गया है कि यह भूमि नगरपालिका परिषद की है। 750 सीटों वाले इस ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था सीएनडीसी को नामित किया गया। टेंडर की प्रक्रिया के दौरान नेताओं और माफियाओं के बीच बर्चस्व की लड़ाई शुरू हो गई। इसके चक्कर में कई बार टेंडर हुआ और निरस्त हुआ। अब एक साल से टेंडर मंजूर हुए हो चुका है। बावजूद इसके निर्माण नहीं हो रहा है। जमींन को का लेकर पेंच फंस गई है। जो जमीन पहले चिह्नित किया गया था। उसको लेकर विवाद की स्थिति पैदा हो गई है। कारण जो भूमि नगर पालिका की बताई गई वह दूसरे विभाग की है। ऐसे में निर्माण का मामला अधर में फंस सकता गया है।
भूमि के अभाव में ऑडिटोरियम निर्माण का मामला अभी पेंडिंग में है। भूमि की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जा रहा है।
आरपी मिश्र
एडीएम वित्त एवं राजस्व
शहर में कोई ऑडिटोरियम नहीं है। किसी भी आयोजन में परेशानी होती है। तीन साल पूर्व तत्कालीन सचिव नगर विकास जौनपुर निवासी एसपी सिंह ने कुछ जनप्रतिनिधियों की मांग पर ऑडिटोरियम के लिए 17.83 करोड़ की मंजूरी दी। और कुछ धन भी जारी कर दिया गया। शुरूआती दौर में कृषि भवन परिसर में जमीन आरक्षित की गई। बताया गया है कि यह भूमि नगरपालिका परिषद की है। 750 सीटों वाले इस ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था सीएनडीसी को नामित किया गया। टेंडर की प्रक्रिया के दौरान नेताओं और माफियाओं के बीच बर्चस्व की लड़ाई शुरू हो गई। इसके चक्कर में कई बार टेंडर हुआ और निरस्त हुआ। अब एक साल से टेंडर मंजूर हुए हो चुका है। बावजूद इसके निर्माण नहीं हो रहा है। जमींन को का लेकर पेंच फंस गई है। जो जमीन पहले चिह्नित किया गया था। उसको लेकर विवाद की स्थिति पैदा हो गई है। कारण जो भूमि नगर पालिका की बताई गई वह दूसरे विभाग की है। ऐसे में निर्माण का मामला अधर में फंस सकता गया है।
विज्ञापन
भूमि के अभाव में ऑडिटोरियम निर्माण का मामला अभी पेंडिंग में है। भूमि की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जा रहा है।
आरपी मिश्र
एडीएम वित्त एवं राजस्व