{"_id":"5bbf98cebdec2250205c503e","slug":"15392831245-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानसिक बीमारी को न समझें पागलपन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानसिक बीमारी को न समझें पागलपन
Updated Fri, 12 Oct 2018 12:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जौनपुर। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर जगह जगह जगह जगह गोष्ठियों का आयोजन किया गया। इस मौके पर बीमारी के कारण लक्षण व उपचार पर विचार विमर्श किया गया।
मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. हरीनाथ यादव ने कहा कि जब किसी व्यक्ति की भावनाएं विचार अथवा व्यवहार दूसरे लोगों के लिए समस्या बन जाएं तो उस व्यक्ति के मानसिक बीमारी से ग्रस्त होने के लक्षण हो सकते हैं। इस बीमारी को कतई पागलपन ना समझें। उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक दुनिया भर में करीब 45 करोड़ व्यक्ति मानसिक बीमारी या तंत्रिका संबंधी समस्याओं से ग्रस्त हैं। समुचित जानकारी के अभाव में लोग इस ओर ध्यान नहीं देते हैं जिससे यह गंभीर रूप धारण कर लेती है । इसी क्रम में नगर के सिटी स्टेशन के समीप माइंड केयर क्लीनिक पर विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर शिविर लगाकर मरीजों का परीक्षण किया गया।
विज्ञापन
मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. हरीनाथ यादव ने कहा कि जब किसी व्यक्ति की भावनाएं विचार अथवा व्यवहार दूसरे लोगों के लिए समस्या बन जाएं तो उस व्यक्ति के मानसिक बीमारी से ग्रस्त होने के लक्षण हो सकते हैं। इस बीमारी को कतई पागलपन ना समझें। उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक दुनिया भर में करीब 45 करोड़ व्यक्ति मानसिक बीमारी या तंत्रिका संबंधी समस्याओं से ग्रस्त हैं। समुचित जानकारी के अभाव में लोग इस ओर ध्यान नहीं देते हैं जिससे यह गंभीर रूप धारण कर लेती है । इसी क्रम में नगर के सिटी स्टेशन के समीप माइंड केयर क्लीनिक पर विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर शिविर लगाकर मरीजों का परीक्षण किया गया।
विज्ञापन