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साढ़े तीन साल में भी पूरा नहीं हो सका पुल का निर्माण

Tue, 09 Oct 2018 11:49 PM IST
Updated Tue, 09 Oct 2018 11:49 PM IST
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साढ़े तीन साल में भी पूरा नहीं हो सका पुल का निर्माण
जौनपुर। जिला योजना समिति हर साल जिले के विकास का लंबा चौड़ा खाका तैयार कर उसके लिए बजट मंजूर करती है लेकिन साल बीत जाता है और बजट के अभाव में विकास परियोजनाएं अधूरी रह जाती हैं। जिला योजना में पास किए गए पुल, तालाब और पेयजल से संबंधित तमाम अधूरी परियोजनाएं इस बात की गवाही कर रही हैं। अमर उजाला ने ऐसी ही अधूरी परियोजनाओं की पड़ताल की तो पता चला कि धनाभाव में पुल और सड़क से लेकर अन्य विकास कार्य ठप पड़े हुए हैं।
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वर्ष 2015 की जिला योजना में सड़क और पुल के लिए क्रमश: 95.43 करोड़ 77 हजार का बजट मंजूर किया गया था। वर्ष के अंत तक सिर्फ 30.39 करोड़ 39 लाख का बजट शासन से मिल सका जो अनुमोदित बजट का महज 31.22 फीसदी हिस्सा है। जिसका नतीजा रहा कि बैजारामपुर में गोमती नदी पर बन रहा पुल, बक्शा के नूरुद्दीनपुर देवरिया के पास पीली नदी पर पुल आदमपुर बेलाव घाट गोमती नदी पर पुल का निर्माण आधा अधूरा ही छोड़ दिया गया है। निर्माण एजेंसी का कहना है कि समय से बजट नहीं मिला और अब समय के साथ पुल निर्माण की लागत भी बढ़ गई है। अब बढ़ी लागत के हिसाब से बजट मिलेगा तभी निर्माण पूरा कराना संभव हो सकेगा। इसके लिए पुनरीक्षित स्टीमेट शासन को भेज दिया गया है। गोमती नदी के बैजारामपुर घाट पर पुल का निर्माण जून 2015 में शुरू हुआ था जबकि नूरुद्दीनपुर देवरिया के पास पीली नदी पर पुल का निर्माण अप्रैल 2015 में शुरू हुआ था। साढ़े तीन साल में पचास फीसदी भी निर्माण पूरा नहीं हो सका। वर्ष 2014 की जिला योजना में नगरीय पेयजल योजना के लिए 1.46 करोड़ 33 हजार का बजट मंजूर किया गया था लेकिन नगरपालिका परिषद जौनपुर में शुरू की गई पुनर्गठन पेयजल योजना का पहला फेज ही पूरा नहीं हो सका। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी कृष्ण चंद्र की मानें तो एक शिरोपरि जलाशय का स्थल विवादित होने के कारण कार्य अवरुद्ध हो गया है। वर्ष 2017 की जिला योजना में ग्रामीण पेयजल के लिए 55.55 करोड़ 85 हजार का बजट मंजूर किया गया था। लेकिन वर्ष के अंत तक कुल 16.94 फीसदी ही धन मिल सका। जिसका नतीजा है कि बड़ी संख्या में इंडिया मार्का टू हैंडपंप आज भी बिगड़े पड़े हैं। बक्शा, बदलापुर, करंजाकला, सोंधी, धर्मापुर समेत अन्य विकास खंडों में स्कूल और बस्ती में लगे हैंडपंप बिगड़े पड़े हैं।
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बजट के अभाव में जिन परियोजनाओं पर काम ठप हो गया है उसे पूरा करने के लिए पुनरीक्षित बजट के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। बजट मिलते ही निर्माण कार्य पूरा करा लिया जाएगा।
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गौरव वर्मा
सीडीओ/सचिव जिला योजना समिति
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