जौनपुर। उर्दू बाजार स्थित एक स्कूल में आयोजित मजलिस में मौलाना सैयद सफदर हुसैन जैदी ने कहा कि जिन्हें अल्लाह पर भरोसा होता है, वह दुनिया की बड़ी ताकतों से नहीं डरते। अमेरिका ईरान को बराबर धमकी दे रहा है मगर आयतुल्लाह खामेनाई व ईरानी राष्ट्रपति रूहानी के बयान में कोई फर्क नहीं आया। उन्होंने मौलाना ने इमाम जैनुल आब्दीन के जीवन पर प्रकाश डाला। इमाम की शहादत 25 मोहर्रम के लिहाज से मसायब में इमाम जैनुल आब्दीन की मुसीबतों का जिक्र किया। महरूम अहसन अब्बास के लिए सूर ए फातेहा पढ़ा गया। डॉ. एबाद अली व उनके साथियों ने सोजखानी की व अंजुमन कौसरिया के दस्ते ने नौहा व मातम किया। इस मौके पर प्रबंधक नजमुल हसन नजमी, सै. मोहम्मद हसन, असलम नकवी, समाजसेवी अली मंजर डेजी, तालिब रजा शकिल एडवोकेट, एमएम हीरा, सादिक रिजवी, नाजिम हुसैन, ओम प्रकाश राव, शाकिब अब्बास तन्नू, सबीह अब्बास, बेलाल जानी, सरदार हुसैन बबलू, सफराज अंसारी, लाडले खान, अरविंद कन्नौजिया, शहंशाह अंसारी, इंतजार हुसैन राजू, शेरा, मो. हारिस कुरैशी, नासिर रजा गुड्डू, मौलाना दानिश, जाफर अब्बास, नइम हैदर, जावेद, अरशद हुसैन, ञमिर्जा रूशेद, अली ऐरान, शान, इरशाद जैदी आदि उपस्थित रहे।