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1100 मजरों में बांस व बल्ली के सहारे दौड़ रही बिजली
Updated Fri, 28 Sep 2018 12:35 AM IST
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जौनपुर। लाख कवायद के बावजूद जिले में बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी है। अभी भी जिले में 1100 मजरे ऐसे हैं जहां विद्युत पोल नहीं लगा है। इन मजरों में बांस बल्ली के सहारे आज भी बिजली दौड़ रही है। जिससे इन मजरों में हर समय दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। वहीं मात्र 16 मजरे ऐसे हैं जहां अभी भी बिजली नहीं पहुंची है। विभाग की मानें तो इन मजरों में विद्युतीकरण होने के बाद जिले का कोई मजरा बिजली विहिन नहीं रहेगा।
जिले में 3386 राजस्व गांव हैं जिसमें कुल 14 हजार आठ मजरे हैं।इन सभी मजरों को बिजली से गुलजार करने के लिए सरकार द्वारा दो योजनाएं संचालित हैं। जिसमें सौभाग्य योजना व दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना है। इन योजनाओं के संचालन के बावजूद अभी न तो सभी मजरे बिजली से रोशन हो पाए हैं और न ही पोल लग पाया है। अभी भी जिले में लगभग 1100 मजरे ऐसे हैं, जहां बांस व बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है। जिसमें सुरहुरपुर, काकोरी, बरामनपुर, सतमेसरा, नईगंज, मल्हनी पड़ाव, हरखपुर,भूपतपट्टी,चौकिया, रामनगर, भड़सरा व लाल दरवाजा आदि स्थानों पर अभी भी बांस बल्ली के सहारे बिजली दौड़ रही है। वहीं 16 मजरों में अभी तक बिजली पहुंची ही नहीं है। विभाग इसको लेकर लापरवाह बना हुआ है। विभाग लोगों को बिजली का कनेक्शन तो देने के साथ ही घर पर मीटर भी लगा रहा है। बांस व बल्ली को हटाकर पोल लगवाने का कार्य नहीं कर रहा है। जबकि इन बांस व बल्ली के सहारे गए बिजली के तारों से हर समय दुर्घटना का डर बना हुआ है।
बिजली नहीं पहुंचने वाले मजरे
जौनपुर। मगरा गांव के यादव बस्ती व मुसहर बस्ती, पठखौली गांव की मुख्य बस्ती व धोबी बस्ती, राजेपुर गांव के लोहरान बस्ती, पहसना गांव के नाऊ बस्ती, पोखरा पसीयान बस्ती व कहार बस्ती, शंकरपुर गांव की मुख्य बस्ती, पौनी गांव की दलित बस्ती, सिरकीना गांव की दलित बस्ती, सिंघई पट्टी गांव की दलित बस्ती, सेतापुर गांव की दलित बस्ती, हरिहरपुर गांव की दलित बस्ती, नूरपुर गांव की मुसहर बस्ती में अभी तक बिजली नहीं पहुंच पाई है।
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सौभाग्य व दीनदयाल विद्युतीकरण योजना नई के तहत मजरों का विद्युतीकरण व पोल आदि लगाने का कार्य किया जा रहा है। शीघ्र ही जिले के सभी मजरों को बिजली से गुलजार कर दिया जाएगा। जांच के दौरान मात्र16 मजरों में विद्युतीकरण नहीं हुआ पाया गया। जबकि लगभग 1100 मजरों में बांस बल्ली के सहारे बिजली के तार खींचे पाए गए।
बीके गुप्ता
एक्सईएन, विद्युत वितरण खंड प्रथम
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जिले में 3386 राजस्व गांव हैं जिसमें कुल 14 हजार आठ मजरे हैं।इन सभी मजरों को बिजली से गुलजार करने के लिए सरकार द्वारा दो योजनाएं संचालित हैं। जिसमें सौभाग्य योजना व दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना है। इन योजनाओं के संचालन के बावजूद अभी न तो सभी मजरे बिजली से रोशन हो पाए हैं और न ही पोल लग पाया है। अभी भी जिले में लगभग 1100 मजरे ऐसे हैं, जहां बांस व बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है। जिसमें सुरहुरपुर, काकोरी, बरामनपुर, सतमेसरा, नईगंज, मल्हनी पड़ाव, हरखपुर,भूपतपट्टी,चौकिया, रामनगर, भड़सरा व लाल दरवाजा आदि स्थानों पर अभी भी बांस बल्ली के सहारे बिजली दौड़ रही है। वहीं 16 मजरों में अभी तक बिजली पहुंची ही नहीं है। विभाग इसको लेकर लापरवाह बना हुआ है। विभाग लोगों को बिजली का कनेक्शन तो देने के साथ ही घर पर मीटर भी लगा रहा है। बांस व बल्ली को हटाकर पोल लगवाने का कार्य नहीं कर रहा है। जबकि इन बांस व बल्ली के सहारे गए बिजली के तारों से हर समय दुर्घटना का डर बना हुआ है।
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बिजली नहीं पहुंचने वाले मजरे
जौनपुर। मगरा गांव के यादव बस्ती व मुसहर बस्ती, पठखौली गांव की मुख्य बस्ती व धोबी बस्ती, राजेपुर गांव के लोहरान बस्ती, पहसना गांव के नाऊ बस्ती, पोखरा पसीयान बस्ती व कहार बस्ती, शंकरपुर गांव की मुख्य बस्ती, पौनी गांव की दलित बस्ती, सिरकीना गांव की दलित बस्ती, सिंघई पट्टी गांव की दलित बस्ती, सेतापुर गांव की दलित बस्ती, हरिहरपुर गांव की दलित बस्ती, नूरपुर गांव की मुसहर बस्ती में अभी तक बिजली नहीं पहुंच पाई है।
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सौभाग्य व दीनदयाल विद्युतीकरण योजना नई के तहत मजरों का विद्युतीकरण व पोल आदि लगाने का कार्य किया जा रहा है। शीघ्र ही जिले के सभी मजरों को बिजली से गुलजार कर दिया जाएगा। जांच के दौरान मात्र16 मजरों में विद्युतीकरण नहीं हुआ पाया गया। जबकि लगभग 1100 मजरों में बांस बल्ली के सहारे बिजली के तार खींचे पाए गए।
बीके गुप्ता
एक्सईएन, विद्युत वितरण खंड प्रथम