{"_id":"5baa84a2867a55019d6179df","slug":"15379017095-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उद्देश्य विहिन साबित हो रहा है जन औषधी केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उद्देश्य विहिन साबित हो रहा है जन औषधी केंद्र
Updated Wed, 26 Sep 2018 01:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जौनपुर। जिला अस्पताल परिसर में खुला जन औषधि केंद्र में एक सप्ताह से ताला लटक रहा है। जरूरी दवाओं की अनुपलब्धता के कारण यह औषधि केंद्र बंद है। इससे मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
मरीजों को सस्ते दाम पर जनेरिक दवाएं उपलब्ध हो सके। इस उद्देश्य से सरकार द्वारा जन औषधि केंद्र खोला गया था। केंद्र पर 529 दवाएं होनी चाहिए लेकिन जिला अस्पताल परिसर में 15 जुलाई को केंद्र का उद्घाटन नगर विकास राज्यमंत्री गिरीशचंद्र यादव ने किया था लेकिन अब तक इतनी दवाएं कभी नहीं आईं। केंद्र दवाओं के अभाव में औषधि केंद्र एक पखवाडे़ से बंद है। वहीं मरीज बाहर से दवाएं खरीद रहे हैं। जन औषधि केंद्र के संचालक नवीन सिंह ने बताया कि उद्घाटन के समय ही 150 दवाएं आई थीं। इसके बाद कोई दवा नहीं आई है।
गुतवन जेठपुरा निवासी अनिल मिश्रा ने बताया कि वह भतीजे का इलाज कराने आए थे लेकिन न तो जिला अस्पताल में दवा मिली और न ही जन औषधि केंद्र में। बाहर से महंगी दवा खरीदनी पड़ रही है। हैदरपुर निवासी जितेंद्र का कहना है कि छोटी-छोटी दवाएं भी बाहर से खरीदना पड़ रहा है। सेवई नाला निवासिनी नीलम ने बताया कि उनको टायफायड है। चिकित्सक द्वारा जन औषधि केंद्र से दवा लेने के लिए लिखा गया लेकिन केंद्र बंद है। दवा बाहर से खरीदना पड़ी। धर्मापुर की नीतू ने बताया कि जन औषधि केंद्र से दवा लेने के लिए डाक्टर ने लिखा था लेकिन केंद्र बंद है।
विज्ञापन
जन औषधि केंद्र का ठेकेदार दवा नहीं ला पा रहा है। हमने सिर्फ स्थान दिया है। दवाएं लाने और उसे ठीक से चलाने की जिम्मेदारी ठेकेदार की है। उसके खिलाफ शासन को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा।
डा. एसके पांडेय
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
जिला अस्पताल
मरीजों को सस्ते दाम पर जनेरिक दवाएं उपलब्ध हो सके। इस उद्देश्य से सरकार द्वारा जन औषधि केंद्र खोला गया था। केंद्र पर 529 दवाएं होनी चाहिए लेकिन जिला अस्पताल परिसर में 15 जुलाई को केंद्र का उद्घाटन नगर विकास राज्यमंत्री गिरीशचंद्र यादव ने किया था लेकिन अब तक इतनी दवाएं कभी नहीं आईं। केंद्र दवाओं के अभाव में औषधि केंद्र एक पखवाडे़ से बंद है। वहीं मरीज बाहर से दवाएं खरीद रहे हैं। जन औषधि केंद्र के संचालक नवीन सिंह ने बताया कि उद्घाटन के समय ही 150 दवाएं आई थीं। इसके बाद कोई दवा नहीं आई है।
विज्ञापन
गुतवन जेठपुरा निवासी अनिल मिश्रा ने बताया कि वह भतीजे का इलाज कराने आए थे लेकिन न तो जिला अस्पताल में दवा मिली और न ही जन औषधि केंद्र में। बाहर से महंगी दवा खरीदनी पड़ रही है। हैदरपुर निवासी जितेंद्र का कहना है कि छोटी-छोटी दवाएं भी बाहर से खरीदना पड़ रहा है। सेवई नाला निवासिनी नीलम ने बताया कि उनको टायफायड है। चिकित्सक द्वारा जन औषधि केंद्र से दवा लेने के लिए लिखा गया लेकिन केंद्र बंद है। दवा बाहर से खरीदना पड़ी। धर्मापुर की नीतू ने बताया कि जन औषधि केंद्र से दवा लेने के लिए डाक्टर ने लिखा था लेकिन केंद्र बंद है।
विज्ञापन
जन औषधि केंद्र का ठेकेदार दवा नहीं ला पा रहा है। हमने सिर्फ स्थान दिया है। दवाएं लाने और उसे ठीक से चलाने की जिम्मेदारी ठेकेदार की है। उसके खिलाफ शासन को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा।
डा. एसके पांडेय
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
जिला अस्पताल