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तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत नौ पर दलित उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज
Updated Thu, 20 Sep 2018 12:13 AM IST
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जौनपुर। तत्कालीन थानाध्यक्ष बक्सा शिवशंकर सिंह समेत नौ आरोपियों के खिलाफ दलित उत्पीड़न की प्राथमिकी दर्ज न करने पर थानाध्यक्ष बक्सा को सात दिन कारावास का अपर सत्र न्यायाधीश द्वारा अल्टीमेटम देने पर थाना बक्सा में दलित उत्पीड़न व चोरी की प्राथमिकी दर्ज हुई है।
वादी सभाजीत निवासी भटपुरा बक्सा ने कोर्ट में धारा 156 (3)के तहत दरखास्त दिया था कि जिलाधिकारी द्वारा राजस्व कर्मियों की सहायता से वादी के आराजी नंबर 49 का सीमांकन कराकर अलग कराया गया था। जिस पर वादी खेती करता है। मामला हाई कोर्ट तक गया था। वहां अवमानना प्रार्थना पत्र पर जिलाधिकारी ने की गई कार्यवाही से हाईकोर्ट को अवगत कराया था। 7 अप्रैल 2018 को तत्कालीन थानाध्यक्ष शिवशंकर सिंह ,दरोगा रामबालक की शह पर विपक्षी उसकी बोई हुई हरी अरहर जबरन काटने लगे। विरोध पर मां बहन की गाली देते हुए जाति सूचक शब्दों से अपमानित किए। वादी व उसकी पत्नी को लात मुक्के से मारकर चोटे पहुंचाए। वादी घटना की सूचना देने थाना बक्सा गया तो थानाध्यक्ष शिव शंकर व दरोगा रामबालक व अन्य पुलिसकर्मियों ने उसे गालियां व जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए लाठियों से पीटा। उसकी 50,000/- की फसल का अभियुक्तों ने नुकसान कर दिया। आधी अरहर आरोपी उठा ले गए। उच्चाधिकारियों के आदेश पर उसे व उसके पुत्र को छोड़ा गया। पुलिस अधीक्षक को दरखास्त के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई।कोर्ट ने प्रथम दृष्टया गंभीर मामला पाते हुए 14 अगस्त 2018 को प्राथमिकी दर्ज करने का थाना प्रभारी बक्सा को आदेश दिया था लेकिन कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया गया। कोर्ट ने थाना प्रभारी बक्सा को आदेश की अवहेलना में सात दिन कारावास का अल्टीमेटम दिया तब आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हुई ।
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वादी सभाजीत निवासी भटपुरा बक्सा ने कोर्ट में धारा 156 (3)के तहत दरखास्त दिया था कि जिलाधिकारी द्वारा राजस्व कर्मियों की सहायता से वादी के आराजी नंबर 49 का सीमांकन कराकर अलग कराया गया था। जिस पर वादी खेती करता है। मामला हाई कोर्ट तक गया था। वहां अवमानना प्रार्थना पत्र पर जिलाधिकारी ने की गई कार्यवाही से हाईकोर्ट को अवगत कराया था। 7 अप्रैल 2018 को तत्कालीन थानाध्यक्ष शिवशंकर सिंह ,दरोगा रामबालक की शह पर विपक्षी उसकी बोई हुई हरी अरहर जबरन काटने लगे। विरोध पर मां बहन की गाली देते हुए जाति सूचक शब्दों से अपमानित किए। वादी व उसकी पत्नी को लात मुक्के से मारकर चोटे पहुंचाए। वादी घटना की सूचना देने थाना बक्सा गया तो थानाध्यक्ष शिव शंकर व दरोगा रामबालक व अन्य पुलिसकर्मियों ने उसे गालियां व जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए लाठियों से पीटा। उसकी 50,000/- की फसल का अभियुक्तों ने नुकसान कर दिया। आधी अरहर आरोपी उठा ले गए। उच्चाधिकारियों के आदेश पर उसे व उसके पुत्र को छोड़ा गया। पुलिस अधीक्षक को दरखास्त के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई।कोर्ट ने प्रथम दृष्टया गंभीर मामला पाते हुए 14 अगस्त 2018 को प्राथमिकी दर्ज करने का थाना प्रभारी बक्सा को आदेश दिया था लेकिन कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया गया। कोर्ट ने थाना प्रभारी बक्सा को आदेश की अवहेलना में सात दिन कारावास का अल्टीमेटम दिया तब आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हुई ।
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